टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी को ‘घोषित भक्त’ बताकर ट्रोल हुए सौरभ भारद्वाज
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई फायरिंग के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज ने अभिनेता जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी को ‘घोषित भक्त’ बताते हुए सोशल मीडिया पर टिप्पणी की। इसके बाद एक्स पर उनके बयान को लेकर बहस छिड़ गई और कई यूजर्स ने उनकी आलोचना की। वहीं, AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने फायरिंग की घटना को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सौरभ भारद्वाज ने जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी पर क्या कहा?
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की घटना के बीच सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया। इसमें उन्होंने जैकी श्रॉफ और सुनील शेट्टी के संबंधों का जिक्र करते हुए दोनों को ‘घोषित भक्त’ बताया।उनकी इस टिप्पणी को राजनीतिक संदर्भ में देखा गया। पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। कई यूजर्स ने अभिनेता के परिवार से जुड़े मामले पर राजनीतिक टिप्पणी करने के लिए भारद्वाज की आलोचना की।हालांकि, इस टिप्पणी के बाद हुई ऑनलाइन बहस में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। सोशल मीडिया पर किए गए दावे और टिप्पणियां संबंधित यूजर्स के निजी विचार हैं।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने क्यों किया ट्रोल?
सौरभ भारद्वाज की पोस्ट पर कई यूजर्स ने नाराजगी जताई। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि गंभीर घटना के दौरान भी राजनीतिक बयानबाजी की जा रही है।एक यूजर ने AAP के नेताओं और अन्य विवादित व्यक्तियों के संबंधों का उदाहरण देकर भारद्वाज की टिप्पणी पर पलटवार किया। वहीं, दूसरे यूजर्स ने सवाल उठाया कि फायरिंग जैसी घटना पर चर्चा के दौरान राजनीतिक तंज करना कितना उचित है।कुछ यूजर्स ने इसके उलट बॉलीवुड और राजनीति के संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने दावा किया कि फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग राजनीतिक दबाव या विवादों के कारण सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखने से बचते हैं। इन टिप्पणियों के समर्थन में कोई व्यापक प्रमाण सामने नहीं आया है।इस तरह टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस के बीच सौरभ भारद्वाज की पोस्ट सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस का विषय बन गई।
टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई में हुई थी फायरिंग
यह मामला 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में हुई गोलीबारी से जुड़ा है। रिपोर्टों के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ की कार पर अज्ञात हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। अभिनेता को गोली नहीं लगी, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई। घटना के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कीं। पुलिस ने घटनास्थल के CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से जांच आगे बढ़ाई।19 अक्टूबर को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें मुंबई से दिल्ली की ओर जा रही ट्रेन में पकड़ा गया। मामले में उनकी कथित भूमिका और हमले के पीछे के कारणों की जांच जारी है।
अरविंद केजरीवाल ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी फायरिंग की घटना को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने राज्यों में कानून-व्यवस्था संभालने में नाकाम रही है।केजरीवाल ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उसे अपराध करने के लिए सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। केजरीवाल के ये बयान राजनीतिक आरोप हैं। फायरिंग के मामले में किसी गैंग की भूमिका और हमले के पीछे के उद्देश्य की पुष्टि पुलिस जांच से ही हो सकेगी।
महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर सियासी बहस तेज
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के बाद महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। इस घटना के बाद अभिनेता की सुरक्षा, संगठित अपराध से जुड़े संभावित संपर्कों और पुलिस जांच की दिशा पर चर्चा हो रही है। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या संगठन की भूमिका को प्रमाणित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।फिलहाल, सौरभ भारद्वाज की टिप्पणी और अरविंद केजरीवाल के बयान ने मामले को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है। वहीं, फायरिंग की घटना से जुड़े तथ्यों और गिरफ्तार संदिग्धों की भूमिका का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।