गणगौर मेले में गूंजा दंगल का दम, महिला पहलवान भी पहुंची , बिजवाड़ नरूका में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
अलवर जिले के बिजवाड़ नरूका में आयोजित गणगौर माता के पारंपरिक मेले और विशाल कुश्ती दंगल ने एक बार फिर सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की। रियासतकालीन परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस मेले का आयोजन सभी जाति-धर्म के लोगों के सहयोग से भव्य रूप में किया गया, जहां हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय की साझी संस्कृति साफ झलकती नजर आई।
कुश्ती दंगल का शुभारंभ मुख्य अतिथि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश, पूर्व प्रधान रोहिताश चौधरी, संजय यादव, पूर्व अध्यक्ष हिम्मत सिंह, नगर कांग्रेस अध्यक्ष लालाराम सैनी, सेदूराम यादव और कमल सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मेला कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा और उनकी टीम—शमा खान, चुन्नीलाल, प्रेम सिंह, बाबूलाल, सुनील कुमार, भगवान सहाय और चरण सिंह चौधरी—ने सभी अतिथियों का साफा पहनाकर स्वागत किया।
दंगल में राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश से आए पहलवानों ने अपने दांव-पेच दिखाकर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। हालांकि, एक महिला पहलवान के दंगल में हिस्सा नहीं लेने दिए जाने पर उसके परिजनों में नाराजगी भी देखने को मिली।
मेला कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि पूरे आयोजन में ग्रामीणों का भरपूर सहयोग रहा और सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा। सदियों पुरानी इस परंपरा को इस बार भी पूरे उत्साह और भव्यता के साथ निभाया गया, जिसने क्षेत्र में एकता और सांस्कृतिक विरासत को फिर से जीवंत कर दिया।