#क्राइम #राज्य-शहर

अलवर में महिला पर जानलेवा हमले के दोषियों को 10-10 साल की सजा, अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला

अलवर की एडीजे कोर्ट-3 ने महिला पर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने यह फैसला गवाहों के बयान, चिकित्सकीय रिपोर्ट और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर सुनाया। फैसले को पीड़ित पक्ष के लिए न्याय की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

पुराने विवाद ने लिया हिंसक रूप

अभियोजन पक्ष के अनुसार घटना 9 सितंबर 2020 की शाम की है। हाजीपुर ढढीकर क्षेत्र स्थित किरो की ढाणी निवासी मिश्रों देवी दूध लेकर अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में पहले से मौजूद कुछ लोगों ने कथित तौर पर पुराने विवाद को लेकर उन्हें रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। अचानक हुए इस हमले में महिला को गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही घायल होकर गिर गईं। घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

बचाव के लिए पहुंचे परिजनों पर भी हमला

महिला की चीख-पुकार सुनकर उनके परिजन मदद के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। हमले में महिला के पति और भतीजे को भी चोटें आईं। विशेष रूप से महिला के पति का हाथ टूट गया, जबकि अन्य घायलों को भी गंभीर चोटें लगीं। ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए और जांच शुरू की।

गवाहों और साक्ष्यों ने मजबूत किया अभियोजन पक्ष

पुलिस जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों के बयान और 29 दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। सरकारी अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उपलब्ध साक्ष्य आरोपियों की संलिप्तता को स्पष्ट रूप से साबित करते हैं। अदालत ने सभी साक्ष्यों का विस्तृत परीक्षण किया और पाया कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने में सफल रहा है।

अदालत ने सुनाई कठोर सजा

सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे कोर्ट-3 की न्यायाधीश ज्योति के. सोनी ने पांचों आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपने आदेश में गंभीर हिंसक अपराधों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कठोर दंड आवश्यक है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया।

SEO Title:

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *