थानागाजी में थाने से 100 मीटर दूर सुनार की दुकान में फिर चोरी, 2 किलो चांदी ले गए चोर
अलवर जिले के थानागाजी क्षेत्र में थाने से महज 100 मीटर दूर स्थित सुनार की दुकान में दोबारा चोरी की वारदात सामने आई है। चोर करीब 2 किलो चांदी और अन्य सामान ले गए। शुरुआती अनुमान के अनुसार, दुकानदार को 4 से 5 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। दुकानदार का दावा है कि दो साल पहले धनतेरस पर हुई चोरी का भी अब तक खुलासा नहीं हुआ।
थाने के नजदीक दुकान को बनाया निशाना
अलवर जिले के थानागाजी में चोरों ने सुनार की एक दुकान को निशाना बनाया। यह दुकान थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित बताई जा रही है। वारदात आधी रात के बाद हुई।जानकारी के अनुसार, चोर दुकान से करीब 2 किलो चांदी और अन्य सामान चोरी कर ले गए। शुरुआती अनुमान में नुकसान 4 से 5 लाख रुपये बताया जा रहा है। सुबह दुकानदार दुकान पहुंचा, तब चोरी का पता चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
सुबह दुकान पहुंचने पर सामने आई वारदात
चोरी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को सूचित किया गया। मामले में पुलिस जांच और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई की जानकारी सामने आई है।आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने से आरोपियों के बारे में सुराग मिलने की उम्मीद है। हालांकि, फिलहाल चोरों की पहचान और गिरफ्तारी को लेकर कोई पुष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
दो साल पहले धनतेरस पर भी हुई थी चोरी
दुकानदार के अनुसार, करीब दो साल पहले धनतेरस की पहली रात भी इसी दुकान में चोरी हुई थी। उस दौरान चोर दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसे थे।दुकानदार का दावा है कि उस वारदात में करीब 5 किलो चांदी और अन्य सामान चोरी हुआ था। उनका कहना है कि पुराने मामले में अब तक खुलासा नहीं हुआ। उस घटना में किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने की बात भी दुकानदार ने कही है।
बाजार की सुरक्षा और पुलिस गश्त पर उठे सवाल
एक ही दुकान में दोबारा चोरी की घटना सामने आने से व्यापारियों में चिंता बढ़ सकती है। वहीं, थाने के इतने नजदीक वारदात होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।रात के समय पुलिस गश्त और बाजारों की निगरानी को लेकर भी चर्चा तेज हो सकती है। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही की पुष्टि जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
पुरानी और नई चोरी की जांच पर टिकी नजरें
अब पुलिस के सामने ताजा चोरी का खुलासा करने की चुनौती है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।इसके अलावा, दुकानदार की ओर से बताई गई पुरानी चोरी का मामला भी चर्चा में है। व्यापारियों की नजर अब पुलिस कार्रवाई पर टिकी है। सवाल यह भी है कि इस बार आरोपियों की पहचान कब होती है और पुरानी वारदात की जांच में क्या प्रगति होती है।