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‘सस्ती कॉपी’ कहे जाने पर भड़कीं तान्या मित्तल, बोलीं- मेरी पहचान संघर्ष और मेहनत से बनी है

कंटेंट क्रिएटर और एंटरप्रेन्योर तान्या मित्तल ने एक पत्रकार की टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्हें ‘सस्ती कॉपी’ कहे जाने के बाद तान्या ने सोशल मीडिया पर लंबा बयान जारी कर कहा कि किसी की पहचान और वर्षों की मेहनत को इस तरह के शब्दों से कमतर आंकना उचित नहीं है।

पत्रकार की टिप्पणी पर सोशल मीडिया के जरिए दिया जवाब

‘बिग बॉस 19’ से सुर्खियों में आईं कंटेंट क्रिएटर और एंटरप्रेन्योर तान्या मित्तल ने एक पत्रकार की टिप्पणी पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने नोट में उन्होंने कहा कि किसी महिला की पहचान को किसी अन्य व्यक्ति से जोड़कर उसका मजाक उड़ाना न तो जिम्मेदार पत्रकारिता है और न ही स्वस्थ आलोचना। तान्या ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के काम और उपलब्धियों का मूल्यांकन तथ्यों के आधार पर होना चाहिए, न कि अपमानजनक टिप्पणियों के जरिए।

‘मैं किसी की कॉपी नहीं, अपनी मेहनत से यहां तक पहुंची हूं’

तान्या मित्तल ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी पहचान किसी की नकल करके नहीं बनाई है। उन्होंने कहा कि उनके करियर की शुरुआत बेहद छोटे स्तर से हुई थी और आज जो भी मुकाम हासिल किया है, वह वर्षों की मेहनत, निरंतर प्रयास और आत्मविश्वास का परिणाम है। उनका कहना है कि किसी की सफलता को एक टिप्पणी के जरिए खारिज करना उन सभी संघर्षों की अनदेखी करना है, जो उस मुकाम तक पहुंचने के पीछे होते हैं।

150 रुपये से शुरू हुआ था सफर

अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए तान्या ने बताया कि उन्होंने करीब एक दशक पहले केवल 150 रुपये में ग्रीटिंग कार्ड बेचकर अपने उद्यम की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार नए अवसर तलाशे और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई। तान्या के मुताबिक, उनकी उपलब्धियां किसी की छवि से जुड़ने का परिणाम नहीं, बल्कि लंबे समय तक किए गए कठिन परिश्रम और सीखने की प्रक्रिया का नतीजा हैं।

ट्रोलिंग और चुनौतियों का भी किया सामना

तान्या ने कहा कि अपने करियर के दौरान उन्हें कई बार ट्रोलिंग और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। भारतीय संस्कृति से जुड़े कंटेंट बनाने से लेकर ‘बिग बॉस 19’ में हिस्सा लेने तक उन्हें सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं मिलीं। इसके बावजूद उन्होंने अपने काम पर ध्यान केंद्रित रखा और हर चुनौती का सामना करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया। उनका मानना है कि आलोचना स्वीकार की जा सकती है, लेकिन व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणियां उचित नहीं हैं।

सम्मानजनक संवाद की अपील

अपने बयान के अंत में तान्या मित्तल ने कहा कि झूठे आरोप, ट्रोलिंग या अपमानजनक टिप्पणियां उनकी वर्षों की मेहनत और उपलब्धियों को कम नहीं कर सकतीं। उन्होंने मीडिया और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से जिम्मेदारी के साथ संवाद करने की अपील करते हुए कहा कि असहमति और आलोचना व्यक्त की जा सकती है, लेकिन वह सम्मानजनक और तथ्य आधारित होनी चाहिए।

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