तमिलनाडु:TVK विजय की हुंकार: “डीएमके अब डकैतों जैसा गिरोह बन चुका है”
तमिलनाडु की सियासत में दो महीनों की खामोशी के बाद एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। करुर भगदड़ हादसे के बाद पहली बार TVK प्रमुख विजय मंच पर उतरे और शुरुआत से ही सीधा हमला—निशाना डीएमके। कांचीपुरम की रैली में विजय ने अवैध रेत खनन से लेकर विचारधारा तक, सत्ता पक्ष को घेरते हुए बेहद कड़े आरोप लगाए।
रैली की वापसी | करुर हादसे के बाद विजय पहली बार सार्वजनिक मंच पर
दो महीने पहले करुर में हुए भगदड़ हादसे के बाद TVK प्रमुख विजय सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर थे। लेकिन कांचीपुरम में विधानसभा चुनाव प्रचार की शुरुआत के साथ उन्होंने जोरदार वापसी की। बड़ी भीड़ के बीच विजय ने कहा कि जनता के बीच आकर वह तमिलनाडु के राजनीतिक माहौल पर खुलकर बात करना अपना कर्तव्य मानते हैं।
भ्रष्टाचार पर निशाना | डीएमके पर 4,730 करोड़ की रेत खनन से लूट का आरोप
विजय ने अपने भाषण में सबसे बड़ा हमला अवैध रेत खनन पर बोला। उन्होंने दावा किया कि डीएमके सरकार के संरक्षण में 4,730 करोड़ रुपये का अवैध रेत खनन घोटाला हुआ है। विजय ने कहा कि इस लूट की कीमत जनता रोजाना महंगी रेत और खराब बुनियादी सुविधाओं के रूप में चुकाती है।
विचारधारा पर वार | “अन्नादुरै की सोच छोड़कर लूट की राजनीति अपनाई”
विजय ने सीधे मुख्यमंत्री के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि डीएमके ने वह विचारधारा छोड़ दी है जिसे अन्नादुरै ने स्थापित किया था। उनके मुताबिक,
“आज पार्टी की पहचान विकास से नहीं बल्कि लूट की राजनीति से जुड़ गई है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जनता अब राजनीतिक नैतिकता की वापसी चाहती है।
कड़ा बयान | विजय बोले—“डीएमके डकैतों का गिरोह बन चुकी है”
अपने भाषण के दौरान विजय ने डीएमके के लिए बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि
“डीएमके एक राजनीतिक संगठन नहीं, डकैतों का गिरोह जैसा व्यवहार कर रही है।”
यह बयान रैली का सबसे चर्चित हिस्सा बना और भीड़ में जोरदार प्रतिक्रिया देखने को मिली।
चुनावी संदेश | “जनता बदलाव के लिए तैयार”
अंत में विजय ने दावा किया कि तमिलनाडु में माहौल बदल रहा है और लोग अब नई राजनीतिक संस्कृति को अपनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि TVK राज्य में पारदर्शिता, जवाबदेही और साफ-सुथरी राजनीति का विकल्प बनकर उभरेगी।