रोहतक में ऑनलाइन गेमिंग के जाल में फंसा छात्र बना हथियार डिलीवरी नेटवर्क का हिस्सा
हरियाणा के रोहतक से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र ऑनलाइन गेमिंग की लत और कर्ज के चलते अवैध हथियारों की डिलीवरी नेटवर्क से जुड़ गया। पुलिस ने महम सीआईए की कार्रवाई में 20 वर्षीय आरोपी कृत को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी हैंडलर के इशारे पर हथियार एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करता था। उसके पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
ऑनलाइन गेमिंग की लत और कर्ज का जाल
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह ऑनलाइन गेमिंग का आदी था और इसमें भारी नुकसान के कारण कर्ज में डूब गया था। इसी दौरान विदेश में बैठे एक हैंडलर ने उससे संपर्क किया और उसे भरोसा दिलाया कि यदि वह उसके निर्देशों पर काम करेगा तो उसका पूरा कर्ज चुका दिया जाएगा। इसी लालच में आकर छात्र अवैध गतिविधियों में शामिल हो गया और हथियारों की डिलीवरी करने लगा।
हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क कैसे चल रहा था
एसपी गौरव राजपुरोहित के अनुसार आरोपी कृत पिछले लगभग डेढ़ महीने से इस नेटवर्क का हिस्सा था। वह बताए गए स्थान से हथियार उठाकर दूसरे ठिकानों तक पहुंचाता था। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अब तक 20 से अधिक हथियार डिलीवर कर चुका है। उसके पास से मेड इन चाइना रिवाल्वर सहित दो हथियार और आठ कारतूस बरामद किए गए हैं।
सीआईए की कार्रवाई और गिरफ्तारी
महम सीआईए पुलिस को सूचना मिली थी कि जनता कॉलोनी निवासी कृत अवैध हथियार सप्लाई में शामिल है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कन्हेली फ्लाईओवर के पास दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके बैग से हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस का कहना है कि आरोपी अकेला नहीं है और इसके पीछे एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क हो सकता है, जिसकी जांच जारी है।
परिवार को नहीं थी भनक, मां भी है सरकारी कर्मचारी
जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी की मां सरकारी विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उन्होंने पुलिस को बताया कि उन्हें अपने बेटे की इस गतिविधि की कोई जानकारी नहीं थी। वह बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र है और परिवार को यह अंदाजा भी नहीं था कि वह अपराध की दुनिया में शामिल हो चुका है।
विदेशी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि विदेशी हैंडलर कौन है और हथियारों की सप्लाई किस बड़े गिरोह से जुड़ी है। अधिकारियों ने बताया कि अवैध हथियारों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है और ऐसे नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।