राजस्थान में आंधी-बारिश का कहर: भरतपुर और भीलवाड़ा में 2 की मौत, कई जिलों में अलर्ट जारी
राजस्थान में मौसम ने एक बार फिर विकराल रूप दिखाया है। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के चलते अलग-अलग जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भरतपुर और भीलवाड़ा में हुए हादसों में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से नुकसान की खबरें सामने आई हैं। मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है।
भरतपुर में दीवार गिरने से महिला की मौत
भरतपुर जिले के झोरोल गांव में गुरुवार देर रात तेज आंधी और बारिश के दौरान एक मकान की दीवार ढह गई। हादसे के समय महिला घर के पास मौजूद थी और दीवार के मलबे में दब गई। परिजन और ग्रामीण उसे बाहर निकालकर अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
भीलवाड़ा में उड़ते टीन शेड से कटी गर्दन
भीलवाड़ा जिले के जावदा गांव में भी मौसम का कहर जानलेवा साबित हुआ। तेज अंधड़ के दौरान एक टीन शेड की छत उड़ गई और उसकी चपेट में आने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि उड़ते टीन से उसकी गर्दन कट गई थी। अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।
दो दिन से जारी है बारिश और ओलावृष्टि
प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से मौसम लगातार खराब बना हुआ है। बुधवार शाम से शुरू हुई बारिश का दौर गुरुवार तक जारी रहा। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जबकि कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में रातभर बारिश होती रही।
पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ी मौसम की गतिविधियां
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग में आंधी-बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। विभाग ने कई स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।
कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने अलवर, भरतपुर, बूंदी, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर सहित कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।इसके अलावा प्रदेश के अन्य 10 जिलों में येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने जारी की चेतावनी
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की अपील की है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।