स्कूल में पानी पीने गए बच्चे की मौत, परिजनों का आरोप- वाटर कूलर में आ रहा था करंट
श्रीगंगानगर। जिले के एक स्कूल परिसर में पानी पीने गए बच्चे की मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया। घटना बाल भारती स्कूल की बताई जा रही है। बच्चे की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों का दावा है कि स्कूल परिसर में लगे वाटर कूलर में पहले से करंट आने की शिकायत की गई थी, लेकिन कथित तौर पर इस समस्या को समय रहते ठीक नहीं कराया गया। घटना के बाद बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग राजकीय चिकित्सालय पहुंचे और मामले की जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
वाटर कूलर में करंट आने का परिजनों ने लगाया आरोप
बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल में लगे वाटर कूलर में करंट आ रहा था। मृतक की मां का कहना है कि इस समस्या की जानकारी स्कूल में पहले ही दी गई थी। इसके बावजूद वॉटर कूलर की विद्युत व्यवस्था को ठीक कराने या उसकी जांच कराने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई। परिजनों का आरोप है कि यदि शिकायत के बाद समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाते तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
भाई बोला- कई बार मैडम को दी थी जानकारी
मृतक बच्चे के भाई ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वॉटर कूलर में करंट आने की शिकायत कई बार स्कूल की मैडम से की गई थी। भाई के मुताबिक, शिकायत करने पर उन्हें समस्या ठीक करवाने का भरोसा दिया गया, लेकिन कई सप्ताह बीत जाने के बाद भी कथित तौर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि इसी लापरवाही के कारण बच्चा पानी पीने के दौरान करंट की चपेट में आ गया। अब परिजन पूरे मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पड़ोसी ने भी उठाए स्कूल प्रबंधन पर सवाल
घटना के बाद मृतक बच्चे के पड़ोसी ने भी स्कूल में वॉटर कूलर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए। पड़ोसी के अनुसार, यदि वॉटर कूलर में करंट आने की जानकारी पहले से थी तो उसकी तत्काल जांच कराकर विद्युत खामी को दूर किया जाना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। हालांकि, घटना के संबंध में सामने आ रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हादसे के पीछे विद्युत खराबी और किसी स्तर की लापरवाही की क्या भूमिका रही।
राजकीय अस्पताल में जुटे परिजन और स्थानीय लोग
बच्चे की मौत की जानकारी मिलने के बाद राजकीय चिकित्सालय में परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों में घटना को लेकर आक्रोश देखा गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि स्कूल परिसर में विद्युत उपकरण से जुड़ी सुरक्षा संबंधी शिकायत पहले की गई थी, तो उसकी जांच की जानी चाहिए। लोगों ने मांग की कि जांच में यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। घटना के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।