“सोनिया गांधी के खिलाफ FIR वाली याचिका राउज एवेन्यू कोर्ट में फिर से दाखिल”
“सोनिया गांधी की कानूनी चुनौतियां फिर बढ़ीं… वोटर लिस्ट विवाद पर नया मामला कोर्ट में पहुंचा”
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में कांग्रेस नेता और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी से जुड़े एक पुराने विवाद को लेकर फिर हलचल बढ़ गई है। मतदाता सूची में नाम शामिल होने से जुड़े आरोपों पर दायर नई याचिका ने राजनीतिक गलियारों में फिर चर्चा तेज कर दी है। मामला उस आदेश को चुनौती देने का है जिसमें मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया था।
मजिस्ट्रेट कोर्ट के निर्णय को चुनौती, राउज एवेन्यू कोर्ट में नई याचिका दायर
नई याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि निचली अदालत ने सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने के अनुरोध को खारिज कर दिया था, जबकि आरोपों की जांच जरूरी थी। याचिकाकर्ता ने अपील में कहा है कि अदालत का आदेश कानून के अनुरूप नहीं था और तथ्यात्मक पहलुओं की अनदेखी की गई।
आरोप—‘भारतीय नागरिक बनने से तीन साल पहले ही वोटर लिस्ट में था नाम’
याचिका में दावा किया गया है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिकता मिलने से लगभग तीन साल पहले ही मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया था। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह गंभीर अनियमितता है और इसकी जांच होना आवश्यक है।
FIR दर्ज करने से इंकार पर उठे सवाल
पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने यह कहते हुए FIR दर्ज करने के निर्देश देने से इनकार कर दिया था कि पर्याप्त सबूत नहीं हैं। लेकिन नई याचिका में कहा गया है कि उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की गहराई से जांच के बिना FIR से इनकार करना उचित नहीं था।
मामले ने फिर गरमाया राजनीतिक माहौल
सोनिया गांधी से जुड़े इस पुराने विवाद का फिर से उठना कांग्रेस और सत्ता पक्ष दोनों के लिए चर्चा का विषय बन गया है। कानूनी मोर्चे पर बढ़ती चुनौतियां कांग्रेस नेतृत्व के लिए एक संवेदनशील स्थिति बन सकती हैं।
अदालत का अगला कदम महत्वपूर्ण
राउज एवेन्यू कोर्ट अब यह तय करेगा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश में किसी प्रकार की त्रुटि थी या नहीं। अदालत का निर्णय इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा और संभव है कि मामले की कानूनी यात्रा आगे और लंबी हो जाए।