बांग्लादेश में शेख हसीना पर 2009 सामूहिक हत्याओं का आरोप…
ढाका, बांग्लादेश:
2009 में बांग्लादेश राइफल्स (BDR) के उग्र सैनिकों ने ढाका और पूरे देश में फैले दो दिन के विद्रोह में 74 लोगों की हत्या कर दी थी। अब उस घटनाक्रम की जांच में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का नाम सामने आया है।
मामले की पृष्ठभूमि:
1-2009 में विद्रोह में सैनिक अधिकारियों सहित दर्जनों लोग मारे गए।
2-तत्कालीन हसीना सरकार को आलोचना का सामना करना पड़ा, क्योंकि यह उनके प्रधानमंत्री बनने के कुछ ही हफ्ते बाद हुआ था।
3-2024 में छात्र नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद हसीना को पद से हटा दिया गया और वे भारत आ गई थीं।
आयोग की रिपोर्ट में क्या कहा गया:
1-आयोग ने दावा किया कि हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार इस विद्रोह और हत्याओं में सीधे तौर पर शामिल थी।
2-रिपोर्ट में कहा गया कि पूर्व सांसद फजले नूर तपोश “मुख्य समन्वयक” के रूप में काम कर रहे थे और हसीना के इशारे पर हत्याओं के लिए हरी झंडी दी गई।
3-आयोग ने आरोप लगाया कि नरसंहार में विदेशी ताकतों की मिलीभगत भी थी।
4-प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग प्रमुख ने कहा कि भारत पर देश को अस्थिर करने और सेना को कमजोर करने की कोशिश की गई।
1-अंतरिम प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने आयोग की रिपोर्ट का स्वागत किया और कहा कि अब आखिरकार 2009 की हत्याओं के पीछे की सच्चाई सामने आई।
2-भारत की ओर से इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।