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दिल्ली के शालीमार बाग में महिला की गोली मारकर हत्या — पति के पुराने मर्डर केस से जुड़ रहा है कनेक्शन…

दिल्ली में दिनदहाड़े सनसनीखेज वारदात! शालीमार बाग में एक महिला को गोली मारकर हत्या कर दी गई। महिला के पति की भी कुछ साल पहले हत्या हो चुकी थी और पुलिस को शक है कि यह वारदात उसी पुराने केस से जुड़ी हो सकती है। कई आरोपी अब भी फरार हैं और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।


शालीमार बाग में महिला को सिर में मारी गोली

शनिवार सुबह करीब 11 बजे शालीमार बाग में रहने वाली रचना यादव को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी।
घटना उस वक्त हुई जब वह पड़ोसी के घर से लौट रही थीं।
हमलावर ने सिर में गोली मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

डीसीपी भीष्म सिंह के अनुसार, हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका है।


पति की हत्या से जुड़ा हो सकता है पूरा मामला

पुलिस का कहना है कि मृतका रचना यादव के पति विजेंद्र यादव की 2022 या 2023 में हत्या कर दी गई थी।
विजेंद्र यादव का मामला बलसुआ गांव से जुड़ा था, जहां पारिवारिक विवाद और निजी दुश्मनी की बात सामने आई थी।

पुलिस के अनुसार—

  • रचना यादव अपने पति के मामले में लगातार कानूनी कार्रवाई करा रही थीं
  • वह न्याय के लिए पुलिस और कोर्ट के संपर्क में रहती थीं
  • इसी वजह से पुराने दुश्मनों ने उन्हें निशाना बनाया हो सकता है

पति के मर्डर केस के आरोपी अब भी फरार, शक की निगाहें उन्हीं पर

पुलिस के मुताबिक, विजेंद्र यादव हत्याकांड के कुछ मुख्य आरोपी अभी तक पकड़े नहीं गए हैं।
इसी कारण रचना यादव की हत्या उसी गैंग या संबंधित लोगों द्वारा किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

पुलिस कह रही है कि—

“रचना यादव हत्या के मुख्य संदिग्ध वही लोग हैं, जो इसके पति की हत्या के केस में फरार हैं।”


पुलिस की जांच तेज — सीसीटीवी खंगाले जा रहे, कई टीमें गठित

इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई है।
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार—

  • कई जांच टीमें बनाई गई हैं
  • इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच जारी
  • चश्मदीदों और स्थानीय लोगों से पूछताछ
  • पुरानी रंजिशों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा

पुलिस इस वारदात को “टार्गेटेड किलिंग” की तरह देख रही है।


पुरानी रंजिशों में बढ़ रहा अपराध का खतरा

दिल्ली में पिछले कुछ महीनों से पुराने गैंगवॉर, आपराधिक रंजिशों और पारिवारिक विवादों से जुड़े हत्याओं में वृद्धि देखी गई है।
इस मामले में भी साफ है कि—

  • अपराधी भयमुक्त हैं
  • न्याय प्रक्रिया लंबी होने से पीड़ित परिवार जोखिम में
  • फरार आरोपी बिना पकड़े घूम रहे

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई न की जाए, तो यह पुरानी दुश्मनियां और बड़े अपराधों को जन्म दे सकती हैं।

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