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सरिस्का CTH विवाद: टीकाराम जूली के आरोपों से गरमाई सियासत, सरकार पर खनन-रिसॉर्ट्स को लाभ पहुंचाने का आरोप

अलवर में मिनी सचिवालय में आज सरिस्का के नए सीटीएच के निर्धारण से पूर्व सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मांगी गई आपत्तियों के लिए जिला कलक्टर अलवर के सभागार में एक मीटिंग का आयोजन किया गया जिसमें जिला क्लक्टर आर्तिका शुक्ला सहित सीसीएफ संग्राम सिंह , डीएफओ अभिमन्यु सहारण सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे । इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर गम्भीर आरोप लगाये ।

राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व में क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट (CTH) को लेकर राजनीतिक और पर्यावरणीय बहस तेज हो गई है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि CTH के युक्तिकरण के नाम पर संरक्षित क्षेत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।

जूली के अनुसार, सरकार कथित रूप से CTH क्षेत्र को बफर जोन में बदलने की दिशा में काम कर रही है, जिससे पहले से बंद खदानों और रिसॉर्ट्स को लाभ मिल सकता है। उन्होंने इसे पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए खतरा बताते हुए पूरे मामले की पारदर्शी जांच की मांग की है।

बाइट:टीकाराम जूली, नेता प्रतिपक्ष राजस्थान

इस दौरान एक खादान मालिक की तरफ से पैरवी करने आए एडवोकेट कालवेंद्र ने कहा सीटीएच की आड़ में अधिकारी बड़ा भ्रष्टाचार कर रहे है उन्होंने कहा डीएफओ ने दो करोड़ की मांग की है ।

वही पर्यावरण विद राजेश कृष्ण सिद्ध ने कहा सरिस्का में बाघों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनके विचरण क्षेत्र का विस्तार हो रहा है। लेकिन सरकार और प्रशासन सीटीएच में बदलाव नहीं कर सकते यह कोर्ट की अवमानना है

बाइट:राजेश कृष्ण सिद्ध

इस पूरे मामले ने सरिस्का में पर्यावरण संरक्षण, विकास और स्थानीय हितों के बीच संतुलन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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