अंता उपचुनाव में रिकॉर्ड मतदान, 80.25% मतदाताओं ने किया मतदान…
अंता विधानसभा उपचुनाव में मंगलवार को मतदाताओं ने जबरदस्त उत्साह दिखाया। चुनाव विभाग के अनुसार, कुल 80.25 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो हालिया वर्षों में सबसे अधिक है। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें दिखाई दीं। महिलाओं और युवाओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा का धरना, की वोटिंग प्रक्रिया पर आपत्ति
उपचुनाव के दौरान स्वतंत्र प्रत्याशी नरेश मीणा ने मतदान केंद्र के बाहर धरना देकर विरोध जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी कुछ प्रमुख मांगों को अनदेखा किया गया है, जिसके चलते उन्होंने वोटिंग प्रक्रिया का बहिष्कार किया। मीणा ने कहा कि प्रशासन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
वोटिंग बहिष्कार से राजनीतिक माहौल गर्माया
निर्दलीय प्रत्याशी के विरोध के चलते उपचुनाव का माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया। कुछ समर्थकों ने भी उनके समर्थन में नारेबाजी की। हालांकि, प्रशासन ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया और मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहा। स्थानीय स्तर पर यह विरोध चुनावी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।
प्रशासन ने कहा—चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा
अंता उपचुनाव के रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि मतदान प्रक्रिया बिना किसी बड़े व्यवधान के संपन्न हुई। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी गई थी और सभी मतदान केंद्रों पर वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन ने दावा किया कि कुछ मामूली घटनाओं को छोड़कर पूरे क्षेत्र में मतदान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
विश्लेषण: उच्च मतदान ने बढ़ाई सियासी हलचल
80 प्रतिशत से अधिक मतदान का मतलब है कि मतदाता इस उपचुनाव को लेकर बेहद सक्रिय रहे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी भागीदारी सत्ता और विपक्ष दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण संकेत है। जबकि निर्दलीय प्रत्याशी के धरने और बहिष्कार की घटना इस चुनाव में स्थानीय असंतोष की झलक भी दिखाती है।