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नशे के खिलाफ 2025 में रिकॉर्ड कार्रवाई, एनसीबी रिपोर्ट में खुलासा—1.83 लाख गिरफ्तारियां और 1,240 टन ड्रग्स जब्त

भारत में मादक पदार्थों के खिलाफ वर्ष 2025 को अब तक का सबसे बड़ा कार्रवाई वर्ष बताया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की वार्षिक रिपोर्ट 2025 के अनुसार, देशभर की एजेंसियों ने 1,48,063 मामले दर्ज किए, 1,83,675 लोगों को गिरफ्तार किया और लगभग 1,240 टन मादक पदार्थ जब्त किए। जब्त ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 18,227 करोड़ रुपये आंकी गई है। रिपोर्ट में सिंथेटिक ड्रग्स, ड्रोन तस्करी और डिजिटल नेटवर्क के बढ़ते खतरे को भी गंभीर चुनौती बताया गया है।

2025 में रिकॉर्ड स्तर पर कार्रवाई

एनसीबी रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में देशभर में नशे के खिलाफ कार्रवाई अपने सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई। पिछले वर्षों की तुलना में मामलों और गिरफ्तारियों में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। कुल जब्ती में भले ही मामूली गिरावट दिखाई देती हो, लेकिन मामलों की संख्या और नेटवर्क की पहचान में बड़ा विस्तार हुआ है। एजेंसियों का कहना है कि यह बढ़ी हुई कार्रवाई ड्रग नेटवर्क के खिलाफ लगातार तेज हो रही निगरानी का परिणाम है।

सबसे ज्यादा गांजा, अफीम और फार्मा ड्रग्स की जब्ती

रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल जब्त मादक पदार्थों में लगभग 51 प्रतिशत हिस्सेदारी कैनबिस (गांजा और चरस) की रही, जबकि 29 प्रतिशत अफीम और संबंधित पदार्थों की थी। इसके अलावा 19 प्रतिशत जब्ती फार्मास्यूटिकल ड्रग्स की दर्ज की गई। हालांकि मात्रा के हिसाब से केवल 1 प्रतिशत सिंथेटिक ड्रग्स और कोकीन की रही, लेकिन इनके बढ़ते इस्तेमाल और तेजी से फैलते नेटवर्क को गंभीर चिंता के रूप में चिह्नित किया गया है।

नाइटाजीन और अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क पर बढ़ी चिंता

रिपोर्ट में नाइटाजीन जैसे अत्यधिक शक्तिशाली सिंथेटिक ओपिओइड को वैश्विक स्तर पर बड़ा खतरा बताया गया है, जो हेरोइन से कई गुना अधिक प्रभावशाली माना जाता है। इसके साथ ही भारत की भौगोलिक स्थिति को भी संवेदनशील बताया गया है, क्योंकि देश गोल्डन क्रिसेंट और गोल्डन ट्रायंगल जैसे बड़े ड्रग उत्पादन क्षेत्रों के बीच स्थित है। पंजाब, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के जरिए हेरोइन तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में म्यांमार से सिंथेटिक ड्रग्स की आपूर्ति चिंता का विषय बनी हुई है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म और डार्कनेट बना नई चुनौती

एनसीबी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ड्रग तस्कर अब तकनीक का इस्तेमाल तेजी से कर रहे हैं। टेलीग्राम, व्हाट्सएप और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म का उपयोग संचार के लिए बढ़ा है। इसके अलावा डार्कनेट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए लेनदेन के 110 से अधिक मामलों की जांच वर्ष 2025 में की गई। एजेंसियों के अनुसार, ये तकनीकी तरीके कानून प्रवर्तन के लिए नई और जटिल चुनौती बनते जा रहे हैं।

अवैध खेती पर बड़ा अभियान

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वर्ष 2025 में अवैध खेती के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई। लगभग 42,242 एकड़ में फैली अवैध पोस्ता और 38,193 एकड़ में गांजा की खेती नष्ट की गई, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में जब्त मादक पदार्थों का सुरक्षित निस्तारण भी किया गया।

पांच सालों में कार्रवाई का बढ़ता ग्राफ

2021 से 2025 के बीच एनसीबी और अन्य एजेंसियों की कार्रवाई में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। जहां मामलों और गिरफ्तारियों में कई गुना वृद्धि हुई है, वहीं जब्त ड्रग्स और उनकी कीमत में भी बड़े उतार-चढ़ाव दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट यह संकेत देती है कि देश में नशे के खिलाफ अभियान अब अधिक संगठित और व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।





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