‘कांतारा’ मिमिक्री विवाद में रणवीर सिंह को बड़ी राहत, कर्नाटक हाईकोर्ट ने रोक दी सख्त कार्रवाई
बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh को ‘कांतारा’ मिमिक्री विवाद मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। Karnataka High Court ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक अभिनेता के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई न की जाए। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभिनेता को जांच में पूरा सहयोग करना होगा।
⚖️ कोर्ट का अंतरिम आदेश: राहत लेकिन शर्तों के साथ
कर्नाटक हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि मामले की अगली तारीख तक पुलिस या जांच एजेंसियां अभिनेता के खिलाफ दंडात्मक कदम नहीं उठाएंगी। यह आदेश अस्थायी सुरक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
साथ ही अदालत ने यह भी सुनिश्चित किया कि कानून प्रक्रिया जारी रहे और अभिनेता जांच से बच नहीं सकते।
यह आदेश संकेत देता है कि अदालत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता — दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहती है।
🎬 क्या है ‘कांतारा’ मिमिक्री विवाद?
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब International Film Festival of India (IFFI) के समापन समारोह में रणवीर सिंह ने फिल्म Kantara के एक प्रसिद्ध दृश्य की मंच पर मिमिक्री की थी।
यह दृश्य कर्नाटक की पारंपरिक ‘दैव’ (भूत कोला) संस्कृति से जुड़ा माना जाता है, जिसे स्थानीय समुदाय बेहद पवित्र मानता है।
जहां कुछ दर्शकों ने इसे मनोरंजन के रूप में लिया, वहीं कई सांस्कृतिक संगठनों ने इसे धार्मिक-सांस्कृतिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया।
📜 शिकायत कैसे दर्ज हुई?
जनवरी में बेंगलुरु के एक वकील ने अभिनेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि मंच प्रस्तुति के दौरान ‘दैव’ परंपरा की नकल कर कन्नडिगा समुदाय की आस्था का अपमान किया गया।
शिकायत में सांस्कृतिक सम्मान और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया।
दक्षिण भारतीय लोक परंपराओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता का स्तर काफी ऊंचा रहता है, इसलिए सेलिब्रिटी अभिव्यक्ति अक्सर कानूनी जांच के दायरे में आ जाती है।
🧭 अभिव्यक्ति बनाम आस्था: बड़ा सवाल
यह मामला सिर्फ एक अभिनेता तक सीमित नहीं है, बल्कि मनोरंजन जगत में सांस्कृतिक प्रस्तुति की सीमाओं पर नई बहस छेड़ रहा है।
एक ओर कलाकारों की रचनात्मक स्वतंत्रता है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय परंपराओं का सम्मान भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आने वाले समय में यह केस तय कर सकता है कि सार्वजनिक मंचों पर लोक-आस्था से जुड़े प्रदर्शन के लिए कानूनी मानदंड कितने सख्त होंगे।
🔎 आगे क्या होगा?
अब मामले की अगली सुनवाई में अदालत जांच रिपोर्ट और पक्षों की दलीलों पर विचार करेगी। तब तक रणवीर सिंह को राहत जारी रहेगी, लेकिन जांच प्रक्रिया जारी रहेगी।