रांची-दिल्ली एयर एम्बुलेंस क्रैश: 7 लोगों की मौत, किस कंपनी का था विमान और कौन है मालिक?
झारखंड के चतरा जिले में रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस के क्रैश होने से बड़ा हादसा हो गया। मेडिकल इमरजेंसी मिशन पर निकला यह विमान उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। अब सवाल उठ रहे हैं कि एयर एम्बुलेंस किस कंपनी की थी और इसके पीछे कौन संचालित करता है।
🌲 चतरा के जंगलों में दर्दनाक हादसा
जानकारी के मुताबिक एयर एम्बुलेंस ने Birsa Munda Airport से शाम करीब 7:11 बजे दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी।
उड़ान के लगभग 20–25 मिनट बाद विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया। बाद में विमान झारखंड के चतरा जिले के जंगल क्षेत्र में क्रैश मिला।
विमान में मौजूद लोग:
- 1 पायलट
- 1 को-पायलट
- 1 डॉक्टर
- 1 पैरामेडिक
- 2 अटेंडेंट
- 1 अन्य स्टाफ
एयर एम्बुलेंस उड़ानें अक्सर समय और मौसम के दबाव में संचालित होती हैं, जिससे जोखिम बढ़ जाता है।
🌧️ मौसम बना हादसे की वजह?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विमान ने खराब मौसम के कारण रास्ता बदलने की अनुमति मांगी थी।
Directorate General of Civil Aviation (DGCA) के अनुसार कोलकाता ATC से संपर्क के कुछ समय बाद ही विमान रडार से गायब हो गया।
खराब मौसम, सीमित विजिबिलिटी और छोटे एयरक्राफ्ट ऑपरेशन अक्सर एयर एम्बुलेंस उड़ानों में चुनौती बनते हैं।
🛩️ किस कंपनी का था एयर एम्बुलेंस?
हादसे का शिकार विमान Redbird Airways Private Limited का था।
मुख्य जानकारी:
- रजिस्ट्रेशन नंबर: VT-AJV
- एयरक्राफ्ट मॉडल: Beechcraft C90
- स्थापना: 2018
- मुख्य कार्यालय: नई दिल्ली
कंपनी मेडिकल इवैक्यूएशन, चार्टर फ्लाइट और प्राइवेट जेट सेवाएं संचालित करती है।
👨✈️ कौन हैं कंपनी के मालिक?
रिपोर्ट्स के अनुसार रेडबर्ड एयरवेज के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर Akshay Kumar हैं।
- पेशे से एयरक्राफ्ट इंजीनियर
- एविएशन सेक्टर में करीब 14 साल का अनुभव
- 2019 में कंपनी को एयर ऑपरेटर परमिट मिला
भारत में प्राइवेट एयर एम्बुलेंस सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है, जहां कई निजी ऑपरेटर मेडिकल एविएशन सेवाएं दे रहे हैं।
🚁 रेडबर्ड एयरवेज क्या-क्या सेवाएं देती है?
कंपनी कई तरह की एविएशन सेवाएं उपलब्ध कराती है:
- एयर एम्बुलेंस
- कॉर्पोरेट जेट चार्टर
- प्राइवेट जेट सर्विस
- मेडिकल इवैक्यूएशन
- वेडिंग चार्टर और हेलीकॉप्टर फ्लावर ड्रॉप
इसके बेड़े में सुपर किंग एयर, हॉकर बिजनेस जेट, फाल्कन 2000 और अगस्ता हेलीकॉप्टर जैसे विमान शामिल बताए जाते हैं।
⚠️ एयर एम्बुलेंस सुरक्षा पर उठे सवाल
हादसे के बाद देशभर में एयर एम्बुलेंस ऑपरेशन की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। जांच एजेंसियां अब ब्लैक बॉक्स, मौसम डेटा और फ्लाइट कम्युनिकेशन रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।
मेडिकल एविएशन लाइफ-सेविंग सेवा है, लेकिन सख्त सुरक्षा मानक और तकनीकी निगरानी बेहद जरूरी मानी जा रही है।
🔎 आगे क्या?
DGCA और अन्य जांच एजेंसियां दुर्घटना के असली कारणों की जांच कर रही हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा कि हादसा तकनीकी खराबी, मौसम या ऑपरेशनल कारणों से हुआ।