राजस्थान में SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 16.46 लाख वोटर्स को नोटिस, जयपुर में सबसे अधिक असर..
राजस्थान में SIR (Systematic Improvement of Rolls) के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जल्द ही जारी होने जा रही है। इस सूची में लगभग 16.46 लाख वोटरों को नोटिस भेजे जाने की संभावना है। आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभाव राजधानी जयपुर और खासकर झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में दिखाई देगा। इस कदम से राज्य के कई प्रमुख नेताओं के निर्वाचन क्षेत्रों में मतदाता सूची में बदलाव होने की संभावना है।
जयपुर में सबसे ज्यादा नोटिस, मंत्री राठौड़ के क्षेत्र में सबसे बड़ा असर
सूत्रों के मुताबिक, जयपुर शहर के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम हट सकते हैं। यह क्षेत्र राज्य के कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ का है। ड्राफ्ट लिस्ट के अनुसार, यहां लगभग 68,994 वोटरों को नोटिस भेजा जाएगा या उनके नाम हटाए जाने का खतरा है। यह बदलाव स्थानीय राजनीति और आगामी चुनावों में संभावित रणनीतियों पर असर डाल सकता है।
अन्य जिलों में बदलाव का विवरण
बाड़मेर जिले की गुड़ामालानी विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम नाम हटने की संभावना है, जहां केवल 8,018 वोटरों को नोटिस भेजा जाएगा या नाम हट सकते हैं। इसके विपरीत, राजधानी जयपुर के सांगानेर क्षेत्र में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्वाचन क्षेत्र से लगभग 63,000 वोटर प्रभावित हो सकते हैं। यह बदलाव राजनेताओं और प्रशासन दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।
पूर्व सीएम के क्षेत्रों में संभावित बदलाव
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जोधपुर की सरदारपुरा विधानसभा सीट से लगभग 57,000 वोट कट सकते हैं। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के चुनाव क्षेत्र झालरापाटन (झालावाड़) में लगभग 27,000 वोटरों को लेकर दिक्कत हो सकती है। यह बदलाव दोनों पूर्व मुख्यमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में संभावित मतदाता संरचना को प्रभावित कर सकता है।
उपमुख्यमंत्री और अन्य क्षेत्रीय प्रभाव
डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा के दूदू विधानसभा क्षेत्र में लगभग 14,000 नाम घटने का अनुमान है। इस तरह राज्य के कई राजनीतिक क्षेत्रों में मतदाता सूची में बड़ा बदलाव होने वाला है, जो स्थानीय चुनावी रणनीतियों और भविष्य की राजनीतिक तैयारियों पर असर डाल सकता है।
SIR की प्रक्रिया और आगामी कदम
राजस्थान की SIR प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट और व्यवस्थित करना है। इस ड्राफ्ट लिस्ट के जारी होने के बाद सभी प्रभावित वोटरों को नोटिस भेजा जाएगा और वे अपने नाम की पुष्टि या आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। यह प्रक्रिया अगले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को सटीक और पारदर्शी बनाने में मदद करेगी।