राजस्थान में बदतर होती हवा—भिवाड़ी-कोटा रेड जोन में, जयपुर का प्रदूषण दिवाली जैसा…
राजस्थान में मौसम के स्थिर होने और हवा की रफ्तार कम पड़ने के बाद वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। प्रदेश के कई बड़े शहर स्मॉग की चपेट में हैं। भिवाड़ी और कोटा रेड कैटेगरी में पहुंच चुके हैं, जबकि जयपुर का हवा गुणवत्ता स्तर दिवाली के दिनों जैसा दर्ज हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है। अब पढ़िए हर हिस्से की प्रमुख हेडलाइन और विस्तृत रिपोर्ट—
🟥 भिवाड़ी-कोटा रेड ज़ोन में: AQI 300 पार, हवा बेहद जहरीली
भिवाड़ी और कोटा में एयर क्वालिटी इंडेक्स क्रमशः 336 और 300 दर्ज किया गया, जो रेड कैटेगरी में आता है। इसका मतलब है कि इन शहरों की हवा ‘बहुत खराब’ स्तर पर है। स्मॉग के कारण दृश्यता कम हुई है और संवेदनशील लोगों के लिए बाहर निकलना भी जोखिमभरा हो गया है।
🟧 जयपुर, टोंक, बीकानेर ऑरेंज कैटेगरी में—प्रदूषण लगातार बढ़ रहा
जयपुर का औसत AQI 247 रहा, जो ऑरेंज कैटेगरी में आता है। मानसरोवर में 271, मुरलीपुरा में 265 और सीतापुरा में तो AQI 292 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्तर आमतौर पर दिवाली के समय दिखता है। धूलभरे कंस्ट्रक्शन व वाहनों के धुएं ने हालात बिगाड़ दिए हैं।
🟫 कम हवा, ज्यादा प्रदूषण: क्यों बढ़ रहा है AQI?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी इलाकों से आ रही ठंडी हवा थमने के बाद हवा की गति बेहद धीमी हो गई है। इससे धूल के सूक्ष्म कण व प्रदूषक गैसें हवा में ऊपर न उठकर नीचे ही जमा होने लगी हैं। नतीजतन, अधिकांश शहरों में AQI 200 के पार पहुंच गया है।
🟨 प्रदेश के कई शहर ‘खराब’ से ‘बहुत खराब’ श्रेणी में…
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक—
>नागौर — 242
>जैसलमेर — 233
>भरतपुर — 219
>जोधपुर — 205
>करौली — 200
>सवाई माधोपुर — 218
>गंगानगर — 191
इनमें से ज्यादातर शहर ऑरेंज कैटेगरी में हैं, जहां हवा की गुणवत्ता लोगों की सेहत पर स्पष्ट प्रभाव डालने लगी है।
🟦 रात का पारा गिरा, लेकिन कोल्ड वेव थमी—हल्की गर्माहट महसूस
प्रदेश में शीतलहर का असर कम हुआ है जिससे रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। सात शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा, जबकि 19 शहरों में 10 से 13 डिग्री के बीच तापमान रिकॉर्ड हुआ।
मुख्य तापमान—
>फतेहपुर — 7.1°C
>लूणकरणसर — 7.8°C
>चूरू — 9.1°C
>अजमेर — 13.2°C
>जयपुर — 13.3°C
>बाड़मेर — 15.6°C
🟣 जयपुर का प्रदूषण दिवाली जैसा—कंस्ट्रक्शन व ट्रैफिक मुख्य कारण
राजधानी जयपुर में प्रदूषण स्तर दिवाली की तरह उछल गया है।
कंस्ट्रक्शन साइटों से उठने वाली धूल PM10 को बढ़ा रही है, जबकि इंडस्ट्री और ट्रैफिक से निकलने वाले धुएं में मौजूद PM2.5 और जहरीली गैसें सांस की बीमारियों को तेजी से बढ़ा सकती हैं।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि हवा की स्थिति न सुधरी तो अगले कुछ दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
🟢 क्यों चिंता बढ़ा रहा है राजस्थान का AQI?
राजस्थान में हवा की गुणवत्ता गिरने के पीछे कई कारण सामने आते हैं—
>हवा की रफ्तार धीमी पड़ना
>कंस्ट्रक्शन व सड़क धूल का बढ़ना
>वाहनों की संख्या और ट्रैफिक पॉल्यूशन
>औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ता उत्सर्जन
>रात-देर तक चलने वाली ठंड और धुंध से प्रदूषकों का जमीन पर अटकना
इन कारणों के संयोजन से स्मॉग की चादर बनती जा रही है, जिससे लोगों का स्वास्थ्य खतरे में है। खासकर बच्चे, बुजुर्ग और सांस के रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।