Rajasthan Weather: वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय—राजस्थान में ठंड बढ़ने के संकेत, कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी…
राजस्थान में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से गुरुवार से कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के साथ तापमान में तेज गिरावट होगी और कई इलाकों में कड़ाके की ठंड बढ़ जाएगी। इसके लिए जोधपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।
📌 वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण प्रदेश में मौसम बदलने के आसार**
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 27 नवंबर से कई जिलों में हल्की बरसात, बादल छाए रहने और ठंड में बढ़ोतरी की संभावना है।
यह सिस्टम नवंबर के अंतिम सप्ताह में सर्दी को और तीखा कर सकता है।
📌 सीकर सबसे ठंडा—फतेहपुर 2.9°C पर पहुंचा**
बुधवार को राजस्थान में शुष्क मौसम रहा, लेकिन तापमान में जहां-तहां तेज गिरावट दर्ज की गई।
● बाड़मेर सबसे गर्म रहा—29.4°C
● फतेहपुर (सीकर) सबसे ठंडा रहा—2.9°C
हवा में औसत नमी 30 से 60 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई, जो बारिश के लिए अनुकूल मानी जाती है।
📌 प्रमुख शहरों का न्यूनतम तापमान—कई जिले सिंगल डिजिट में**
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बुधवार रात कई जिलों में तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ—
- अजमेर: 11.8°C
- अलवर: 6.5°C
- पिलानी: 7.0°C
- सीकर: 4.0°C
- नागौर: 5.2°C
- चूरू: 5.6°C
- करौली: 7.1°C
- झुंझुनूं: 7.2°C
- जैसलमेर: 12.9°C
- जोधपुर: 13.6°C
यह आंकड़े साफ बताते हैं कि उत्तरी राजस्थान में सर्दी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
📌 27 नवंबर को कई जिलों में बारिश का अलर्ट**
जयपुर मौसम केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन में जोधपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कई जिलों में आज हल्की बारिश की चेतावनी दी गई है।
बारिश के साथ हवा की ठंडक और कोहरा बढ़ सकता है।
📌 28 नवंबर को भी रहेगा बारिश का प्रभाव**
एक्टिव वेस्टर्न डिस्टरबेंस 28 नवंबर को भी प्रभाव दिखाएगा।
इसका असर मुख्य रूप से—
● अजमेर
● जयपुर संभाग
● तथा आसपास के जिलों
में देखने को मिलेगा।
बारिश और बादल छाए रहने से दिन का तापमान गिरने लगेगा और रातें और भी ठंडी होंगी।
सुबह के समय घना कोहरा दृश्यता पर असर डाल सकता है।
📌 विश्लेषण: ठंड और कोहरे का सीजन शुरू—कृषि व ट्रैफिक पर असर संभव**
- पश्चिमी विक्षोभ का यह दौर सबसे पहले उत्तर-पश्चिमी राजस्थान को प्रभावित करेगा।
- धान, गेहूं और सरसों की फसलों पर हल्की बारिश अनुकूल मानी जाती है, लेकिन अधिक नमी से नुकसान भी संभव है।
- ठंड बढ़ने के साथ ट्रैफिक और रेलगाड़ियों की रफ्तार पर भी असर दिख सकता है।
- तापमान में अचानक गिरावट से बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।