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राजस्थान पुलिस की चेतावनी: फ्री iPhone का लालच देकर बच्चों को निशाना बना रहे साइबर ठग

जयपुर। सोशल मीडिया पर मुफ्त iPhone और महंगे गिफ्ट का लालच बच्चों को साइबर ठगी का शिकार बना सकता है। ठग लोकप्रिय इन्फ्लुएंसर्स के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर बच्चों से संपर्क करते हैं। इसके बाद उन्हें खास ऑफर का झांसा देकर फोन की सेटिंग बदलने या गोपनीय जानकारी साझा करने के लिए कहा जा सकता है। कुछ मामलों में कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए वेरिफिकेशन कॉल हासिल कर खातों तक पहुंच बनाने की कोशिश भी की जाती है। राजस्थान पुलिस ने इस तरह के साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की अपील की है।

फर्जी इन्फ्लुएंसर प्रोफाइल से शुरू होता है खेल

साइबर ठग सोशल मीडिया पर मशहूर इन्फ्लुएंसर्स के नाम, तस्वीर और पहचान का इस्तेमाल कर फर्जी अकाउंट बनाते हैं। इन अकाउंट से बच्चों को मुफ्त iPhone, महंगे गैजेट या कैश प्राइज जीतने का लालच दिया जाता है।बातचीत के दौरान ठग बच्चों का भरोसा जीतने की कोशिश करते हैं। कई बार उन्हें ऑफर के बारे में किसी को नहीं बताने के लिए भी कहा जाता है। इसके बाद वे किसी लिंक पर क्लिक करने, निजी जानकारी साझा करने या फोन में कुछ सेटिंग बदलने के लिए कह सकते हैं।

कॉल फॉरवर्डिंग के जरिए हो सकती है ठगी

इस तरह के साइबर फ्रॉड में कॉल फॉरवर्डिंग का दुरुपयोग भी किया जा सकता है। ठग किसी तकनीकी समस्या या खास ऑफर का बहाना बनाकर लोगों से फोन पर कोड डायल करने के लिए कहते हैं।कॉल फॉरवर्डिंग चालू होने पर आने वाली कॉल किसी दूसरे नंबर पर जा सकती हैं। यदि ठग किसी खाते का वेरिफिकेशन कॉल के जरिए हासिल करने की कोशिश कर रहे हों, तो इससे उन्हें फायदा मिल सकता है। दूरसंचार विभाग ने पहले भी अनजान व्यक्ति के कहने पर कॉल फॉरवर्डिंग कोड डायल करने के प्रति चेताया है।ध्यान रखें कि कॉल फॉरवर्डिंग से SMS अपने आप दूसरे नंबर पर पहुंचना जरूरी नहीं है। इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि में फोन की सेटिंग और संबंधित अकाउंट की सुरक्षा अलग-अलग जांचना जरूरी है।

WhatsApp अकाउंट कैसे हो सकता है निशाना?

WhatsApp अकाउंट को अपने नियंत्रण में लेने के लिए ठग छह अंकों का रजिस्ट्रेशन कोड हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं। यह कोड SMS या फोन कॉल के जरिए मिल सकता है। यदि कोई व्यक्ति कोड साझा कर देता है या ठग वेरिफिकेशन कॉल हासिल कर लेते हैं, तो अकाउंट पर कब्जा करने का जोखिम बढ़ सकता है।अकाउंट का नियंत्रण मिलने के बाद ठग परिवार और दोस्तों को मैसेज भेजकर पैसे मांग सकते हैं। कई बार वे बीमारी, दुर्घटना या किसी अन्य आपात स्थिति का बहाना बनाते हैं। WhatsApp भी स्पष्ट करता है कि रजिस्ट्रेशन कोड किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना चाहिए।

अभिभावक बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर रखें नजर

बच्चों को सोशल मीडिया पर मिलने वाले हर ऑफर पर भरोसा नहीं करना चाहिए। अभिभावक उन्हें समझाएं कि मुफ्त फोन या महंगे गिफ्ट के बदले OTP, पासवर्ड या निजी जानकारी मांगना खतरे का संकेत हो सकता है।

  • अनजान प्रोफाइल से आए लिंक पर क्लिक न करें।
  • किसी के कहने पर फोन में कोई कोड डायल न करें।
  • WhatsApp का टू-स्टेप वेरिफिकेशन चालू रखें।
  • WhatsApp के Linked Devices सेक्शन में अनजान डिवाइस दिखे तो उसे हटाएं।
  • फोन की कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग जांचें और किसी अनजान नंबर पर फॉरवर्डिंग मिले तो मोबाइल सेवा प्रदाता से संपर्क करें।
  • बच्चों को संदिग्ध ऑफर की जानकारी तुरंत माता-पिता या किसी भरोसेमंद वयस्क को देने के लिए प्रोत्साहित करें।

ठगी होने पर तुरंत कहां करें शिकायत?

यदि किसी के साथ ऑनलाइन वित्तीय ठगी होती है, तो तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।अगर WhatsApp अकाउंट पर किसी दूसरे व्यक्ति का नियंत्रण हो जाए, तो अपने नंबर से दोबारा अकाउंट रजिस्टर करने की प्रक्रिया अपनाएं और परिवार व दोस्तों को भी सतर्क करें। बैंक या भुगतान संबंधी जानकारी जोखिम में होने पर संबंधित बैंक से तुरंत संपर्क करें। <Cite refs={[“turn616495search0″,”turn616495search2”]}/>

डिजिटल सुरक्षा की शुरुआत जागरूकता से

फ्री iPhone या महंगे गिफ्ट का ऑफर आकर्षक लग सकता है, लेकिन अनजान व्यक्ति की बात मानकर फोन की सेटिंग बदलना या गोपनीय जानकारी साझा करना भारी पड़ सकता है। बच्चों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीके समझाना और उन्हें बिना डर ऐसी घटनाओं की जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है।साइबर सुरक्षा के लिए सतर्कता सबसे महत्वपूर्ण है। किसी भी संदिग्ध ऑफर की वास्तविकता जांचें और जरूरत पड़ने पर पुलिस या संबंधित सेवा प्रदाता से मदद लें।

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Stv News Rajasthan

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