Rajasthan Panchayat Election: जोधपुर संभाग में 29 पूर्व सरपंच और पंच अयोग्य घोषित, 23 के मामलों में निर्णय दर्ज
जोधपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव की तैयारियों के बीच जोधपुर संभाग से जुड़ा बड़ा प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। संभाग के सात जिलों में 29 पूर्व सरपंच, उप सरपंच और वार्ड पंचों को अयोग्य घोषित किया गया है। इसके अलावा 23 अन्य जनप्रतिनिधियों के मामलों में परिनिर्णय दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित सूची पंचायतीराज विभाग, राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेजी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, अयोग्य घोषित जनप्रतिनिधि पांच साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। हालांकि, संबंधित आदेशों और नियमों के अनुसार ही प्रत्येक मामले की अंतिम स्थिति तय होगी।
पंचायत चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग ने मांगी जानकारी
राजस्थान में पंचायत चुनाव की हलचल शुरू होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने पिछले महीने संभागीय आयुक्तों से अयोग्य घोषित जनप्रतिनिधियों की जानकारी मांगी थी। इसके बाद संभागीय आयुक्त कार्यालय ने जिलों से प्राप्त विवरण संकलित कर संबंधित अधिकारियों को भेजा।इस प्रक्रिया में पूर्व सरपंच, उप सरपंच और वार्ड पंचों के मामलों की जानकारी जुटाई गई। अब यह सूची पंचायतीराज विभाग और निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों के पास भेजी गई है, ताकि चुनाव प्रक्रिया के दौरान पात्रता से संबंधित जानकारी उपलब्ध रहे।
वित्तीय अनियमितताओं और बकाया राशि से जुड़े मामले
अयोग्य घोषित किए गए जनप्रतिनिधियों में ऐसे पूर्व सरपंच, उप सरपंच और वार्ड पंच शामिल बताए गए हैं, जिनके कार्यकाल के दौरान वित्तीय अनियमितताओं, भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों या बकाया राशि के मामले सामने आए थे।कुछ अन्य मामलों में परिनिर्णय दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। ऐसे मामलों में संबंधित प्रक्रिया और आदेशों के आधार पर आगे की स्थिति तय होगी। चुनाव से पहले इन रिकॉर्डों का महत्व बढ़ गया है, क्योंकि उम्मीदवार की पात्रता चुनाव लड़ने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
पाली, सिरोही और जालोर में सबसे ज्यादा मामले
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पाली जिले में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। यहां 12 पूर्व जनप्रतिनिधियों को अयोग्य घोषित किया गया है, जबकि पांच अन्य मामलों में परिनिर्णय दर्ज है।सिरोही जिले में नौ जनप्रतिनिधि अयोग्य घोषित किए गए हैं और चार मामलों में परिनिर्णय दर्ज किया गया है। वहीं, जालोर में सात जनप्रतिनिधियों को अयोग्य घोषित किया गया है और पांच अन्य मामलों में निर्णय दर्ज होने की जानकारी है।
बाड़मेर और जैसलमेर में नहीं मिला ऐसा मामला
जोधपुर संभाग के सीमावर्ती जिलों बाड़मेर और जैसलमेर में उपलब्ध सूची के अनुसार किसी पूर्व जनप्रतिनिधि को अयोग्य घोषित नहीं किया गया है। इन दोनों जिलों में परिनिर्णय दर्ज होने का मामला भी सूची में नहीं बताया गया है।
संभाग के जिलों में अयोग्यता और परिनिर्णय के आंकड़े
| जिला | अयोग्य घोषित | परिनिर्णय दर्ज |
|---|---|---|
| जोधपुर | 1 | 4 |
| फलोदी | 0 | 3 |
| बालोतरा | 0 | 2 |
| पाली | 12 | 5 |
| जालोर | 7 | 5 |
| सिरोही | 9 | 4 |
| कुल | 29 | 23 |
नोट: बाड़मेर और जैसलमेर में अयोग्यता या परिनिर्णय दर्ज होने का मामला नहीं बताया गया है। आंकड़े संभागीय आयुक्त कार्यालय से भेजी गई सूची पर आधारित हैं।
पंचायत चुनाव से पहले उम्मीदवारों की पात्रता अहम
पंचायतीराज चुनाव के दौरान उम्मीदवारों की पात्रता और संबंधित दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में अयोग्य घोषित किए गए जनप्रतिनिधियों की सूची निर्वाचन अधिकारियों के लिए उपयोगी रिकॉर्ड बनेगी।अब चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ संबंधित अधिकारियों की भूमिका अहम रहेगी। उम्मीदवारों की पात्रता, संबंधित आदेशों और लागू नियमों के आधार पर ही यह तय होगा कि कौन चुनाव लड़ने के लिए योग्य है।