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राजस्थान के दो सनसनीखेज हत्याकांडों के दोषी आज बंधेंगे शादी के बंधन में, जेल में शुरू हुई लव स्टोरी ने लिया नया मोड़

राजस्थान में अपराध की दुनिया से जुड़ी एक चौंकाने वाली कहानी सामने आई है, जहां राज्य के दो सबसे चर्चित हत्याकांडों में उम्रकैद की सजा काट रहे दोषी आपस में शादी करने जा रहे हैं। दुल्हन प्रिया सेठ और दूल्हा हनुमान प्रसाद उर्फ जैक—दोनों अलग-अलग जघन्य हत्याओं के मामले में दोषी करार दिए जा चुके हैं और वर्तमान में सजा भुगत रहे हैं।
हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला पैरोल एडवाइजरी कमेटी ने दोनों को पैरोल दी है। इसके बाद आज उनकी शादी तय बताई जा रही है। हालांकि, अलवर जिले के बड़ौदामेव स्थित हौली चौक में हनुमान का पैतृक घर फिलहाल बंद है और परिवार वहां मौजूद नहीं है। शादी को लेकर छपा कार्ड भी सामने आया है, जिसमें तीन दिन के आयोजनों का जिक्र है।
जानकारी के अनुसार, प्रिया सेठ जयपुर के बहुचर्चित दुष्यंत मर्डर केस (मई 2018) में दोषी है। उस पर अपने बॉयफ्रेंड को हनी ट्रैप में फंसाकर बेरहमी से हत्या करवाने का आरोप सिद्ध हुआ था। इस मामले में उसका तत्कालीन प्रेमी दीक्षांत कामरा भी सह-आरोपी है और उम्रकैद की सजा काट रहा है।
वहीं, हनुमान प्रसाद अलवर के दिल दहला देने वाले सामूहिक हत्याकांड का दोषी है। 2 अक्टूबर 2017 की रात उसने अपनी प्रेमिका, ताइक्वांडो खिलाड़ी संतोष शर्मा और अन्य साथियों के साथ मिलकर संतोष के पति बनवारी लाल समेत परिवार के पांच लोगों—जिनमें चार बच्चे भी शामिल थे—की निर्मम हत्या की थी। सभी को पहले नशीली गोलियां देकर बेहोश किया गया और फिर जानवर काटने वाले चाकू से गला रेतकर मार डाला गया। इस मामले में अदालत ने हनुमान और संतोष दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

करीब एक साल पहले प्रिया और हनुमान को जयपुर सेंट्रल जेल से सांगानेर स्थित ओपन जेल में शिफ्ट किया गया था। यहीं दोनों की नजदीकियां बढ़ीं और करीब छह महीने पहले उनके बीच प्रेम संबंध शुरू हुआ। सूत्रों के मुताबिक, पिछले चार महीनों से दोनों ओपन जेल में लिव-इन में रह रहे थे। नवंबर में उन्होंने शादी का फैसला किया और दिसंबर से पैरोल के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
शादी के कार्ड के अनुसार, प्रिया की उम्र 33 वर्ष और हनुमान की उम्र 32 वर्ष बताई गई है। कार्यक्रमों में 21 जनवरी को लग्न, 22 जनवरी को चाक-भात और 23 जनवरी को घुड़चढ़ी व शाम 6 बजे प्रीतिभोज प्रस्तावित है। दोनों की ओर से हाईकोर्ट में पैरोल के लिए पैरवी एडवोकेट विश्राम प्रजापति ने की।

जेल की चारदीवारी में शुरू हुई यह प्रेम कहानी अब शादी तक पहुंच चुकी है, जिसने न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि समाज के सामने भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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