राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर विस्फोट: आतंकी साजिश के एंगल से जांच, NIA-ATS और IB तलाश रहीं जवाब
श्रीगंगानगर जिले के श्रीविजयनगर क्षेत्र में रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। गांव 50 जीबी के पास मंगलवार रात हुए धमाके से रेलवे ट्रैक के दो सीमेंट स्लीपर टूट गए। पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। घटना से लगभग 45 मिनट पहले ही यात्री ट्रेन इस ट्रैक से गुजरी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए, एटीएस, आईबी, सीआईडी और एफएसएल की टीमें जांच में जुटी हैं। एजेंसियां विस्फोट में इस्तेमाल सामग्री, उद्देश्य और घटना के तरीके का पता लगा रही हैं।

मुख्य बातें
- श्रीगंगानगर के गांव 50 जीबी के पास रेलवे ट्रैक पर हुआ विस्फोट।
- एनआईए, एटीएस, आईबी, सीआईडी और एफएसएल की टीमें जांच कर रही हैं
- टाइमर बम और आरडीएक्स के इस्तेमाल की आशंकाओं की भी जांच की जा रही है।
BIKANER, 05 NOV. 2026:
रात करीब पौने दस बजे हुआ जोरदार धमाका
श्रीगंगानगर जिले की श्रीविजयनगर तहसील के गांव 50 जीबी के पास मंगलवार देर रात रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ। धमाके की आवाज आसपास की ढाणियों और गांवों तक सुनाई दी। शुरुआत में ग्रामीणों को किसी सड़क दुर्घटना की आशंका हुई। हालांकि, आवाज की दिशा में पहुंचने पर रेलवे ट्रैक के पास विस्फोट की जानकारी मिली। ग्रामीणों ने तत्काल रेलवे गेटमैन को सूचना दी। इसके बाद रेलवे प्रशासन और पुलिस को घटना से अवगत कराया गया। रात करीब 11 बजे रामसिंहपुर पुलिस और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे।
यात्री ट्रेन गुजरने के 45 मिनट बाद हुआ विस्फोट
रामसिंहपुर थाना प्रभारी राम प्रताप के अनुसार, मंगलवार रात करीब 8:30 बजे अनूपगढ़ से सूरतगढ़ जाने वाली यात्री ट्रेन रवाना हुई थी। रात करीब 9 बजे ट्रेन 50 जीबी गांव के पास से गुजरी। इसके लगभग 45 मिनट बाद रात पौने दस बजे रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट से रेलवे ट्रैक के दो सीमेंट स्लीपर टूट गए। वहीं, पटरियों के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। ट्रेन के सुरक्षित गुजरने और उसके बाद विस्फोट होने का समय भी जांच का अहम हिस्सा है।
पाक सीमा से करीब 40 किलोमीटर दूर है घटनास्थल
घटनास्थल पाकिस्तान सीमा से करीब 40 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। ऐसे में जांच एजेंसियां आतंकी साजिश के एंगल से भी मामले की पड़ताल कर रही हैं। श्रीगंगानगर क्षेत्र में पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी के गैंग की सक्रियता और हाल में उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की गिरफ्तारियों को भी जांच के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी तक किसी संगठन ने विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है। फिलहाल किसी आतंकी संगठन की भूमिका की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं पर साक्ष्य जुटा रही हैं।
NIA, ATS और IB सहित कई एजेंसियां जांच में जुटीं
घटना की गंभीरता को देखते हुए कई सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस, रेलवे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सीआईडी, आईबी, एटीएस और एफएसएल की टीमें जांच कर रही हैं। बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश ने बताया कि एजेंसियों और एफएसएल टीम ने घटनास्थल से नमूने लिए हैं। मामला संदिग्ध है। इसलिए जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। इस संबंध में प्रकरण दर्ज कराया गया है। फिलहाल विस्फोट की वजह और इसमें इस्तेमाल सामग्री को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच के केंद्र में तीन बड़े सवाल
जांच एजेंसियां मुख्य रूप से तीन सवालों के जवाब तलाश रही हैं। पहला, रेलवे ट्रैक के स्लीपर तोड़ने और करीब दो फीट गहरा गड्ढा बनाने के लिए किस तरह की विस्फोटक सामग्री इस्तेमाल की गई? दूसरा, विस्फोट का उद्देश्य केवल रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचाना था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश थी? तीसरा, यात्री ट्रेन गुजरने के करीब 45 मिनट बाद धमाका कैसे हुआ? एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोट किसी व्यक्ति ने किया या इसके लिए किसी अन्य तरीके का इस्तेमाल किया गया।
टाइमर बम और आरडीएक्स के इस्तेमाल की आशंका
सूत्रों के अनुसार, रेलवे लाइन पर टाइमर बम लगाए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। इसके अलावा विस्फोट में आरडीएक्स के इस्तेमाल की संभावना को लेकर भी जांच की जा रही है। बताया गया है कि गत 12 अक्टूबर को सीमा क्षेत्र में साढ़े सात किलो आरडीएक्स मिलने के बाद से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। हालांकि, मौजूदा घटना में आरडीएक्स या टाइमर बम के इस्तेमाल की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एफएसएल जांच और घटनास्थल से जुटाए गए नमूनों की रिपोर्ट से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रेलवे ने चार रेल सेवाएं कीं रद्द
विस्फोट के बाद रेलवे ने बुधवार को सूरतगढ़-अनूपगढ़ और अनूपगढ़-सूरतगढ़ रूट की चार रेल सेवाएं रद्द कर दीं। इनमें गाड़ी संख्या 59715, 59716, 59711 और 59712 शामिल हैं। रेलवे प्रशासन ने ट्रैक की मरम्मत का काम कराया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बुधवार को ट्रैक दुरुस्त कर दिया गया था। इसके बाद रेल सेवाओं का संचालन दोबारा शुरू किए जाने की संभावना जताई गई। घटना के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
2022 में उदयपुर-अहमदाबाद रेलमार्ग पर भी हुई थी साजिश
राजस्थान में रेलवे ट्रैक को विस्फोट से नुकसान पहुंचाने की कोशिश का मामला पहले भी सामने आ चुका है। 12-13 नवंबर 2022 को उदयपुर-अहमदाबाद ब्रॉडगेज रेलमार्ग पर जावर माइंस क्षेत्र के ओढ़ा पुल के पास विस्फोट किया गया था। केवड़ा की नाल के पास हुए धमाके से रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया था। उस मामले में एटीएस की जांच में जमीन अधिग्रहण का मुआवजा और नौकरी नहीं मिलने से नाराजगी को वारदात की वजह बताया गया था। अब श्रीगंगानगर की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां नए सिरे से सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं।
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