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राजस्थान में कांग्रेस को घेरने सड़कों पर उतरेगी BJP, ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान की तैयारी

राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों के जवाब में प्रदेशव्यापी अभियान चलाने की तैयारी की है। ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान के तहत जयपुर सहित विभिन्न शहरों और जिला मुख्यालयों पर पदयात्राएं, मार्च और जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। पार्टी का फोकस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), घुसपैठ और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर रहेगा। इसके अलावा, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को संवाद कार्यक्रमों से जोड़ने की योजना है।

राजस्थान में BJP का प्रदेशव्यापी अभियान

राजस्थान में सत्ताधारी भाजपा अब विपक्षी कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक अभियान चलाने की तैयारी में है। पार्टी ने ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ नारे के साथ प्रदेशभर में जनसंपर्क और विरोध कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है।इस अभियान के तहत जयपुर से शुरुआत करने की बात कही गई है। इसके बाद उदयपुर, कोटा और जोधपुर सहित अन्य शहरों में भी रैलियां और कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। जिला मुख्यालयों तक पदयात्राएं पहुंचाने की योजना है।भाजपा का कहना है कि अभियान के जरिए विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया जाएगा। पार्टी जनता के बीच जाकर अपने पक्ष और सरकार की नीतियों को सामने रखना चाहती है।

‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र हटाओ’ अभियान का उद्देश्य क्या है?

भाजपा के अनुसार, लोकतंत्र में विरोध और असहमति दर्ज कराने की संवैधानिक व्यवस्था है। हालांकि, पार्टी का आरोप है कि विपक्ष कुछ मुद्दों पर विरोध प्रदर्शनों के जरिए भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।भाजपा इस अभियान के माध्यम से कानून के शासन और संवैधानिक व्यवस्था का संदेश देना चाहती है। पार्टी की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, घुसपैठ और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की योजना बताई गई है।ये भाजपा के अभियान से जुड़े दावे और उद्देश्य हैं। विपक्ष का पक्ष और अभियान के आरोपों पर उसकी प्रतिक्रिया सामने आने पर मुद्दों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

युवाओं और शिक्षित वर्ग को जोड़ने की तैयारी

भाजपा प्रदेश मंत्री और पदयात्रा संचालन टोली की सदस्य एकता अग्रवाल के अनुसार, अभियान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।इन कार्यक्रमों को ‘लोकतंत्र बनाम भीड़तंत्र—युवा संवाद’ नाम दिया गया है। पार्टी की कोशिश है कि युवाओं के साथ विभिन्न राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा की जाए।एकता अग्रवाल ने विपक्ष पर युवाओं को भड़काने और अराजकता फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता लोकतंत्र और संविधान के पक्ष में जनता के बीच अपनी बात रखेंगे। ये आरोप भाजपा की नेता की ओर से लगाए गए हैं।

जयपुर से जिला मुख्यालयों तक होंगी पदयात्राएं

अभियान की रूपरेखा के अनुसार, जयपुर में पदयात्रा के बाद प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर मार्च निकाले जाएंगे। इसके साथ ही 31 अक्टूबर तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में ‘राष्ट्र चिंतन संवाद’ कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।इन कार्यक्रमों में डॉक्टरों, वकीलों, शिक्षकों, प्रोफेसरों, व्यापारियों और समाजसेवियों को जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। पार्टी इन संवादों के जरिए अपने विचार और संबंधित मुद्दों से जुड़ी जानकारी जनता तक पहुंचाना चाहती है।हालांकि, कार्यक्रमों की वास्तविक तारीखों, स्थानों और भागीदारी का विस्तृत विवरण संबंधित पार्टी घोषणाओं के आधार पर स्पष्ट होगा।

अभियान के संचालन के लिए बनाई गई टीम

भाजपा ने अभियान को व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए संगठनात्मक जिम्मेदारियां भी तय की हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पार्टी के पूर्व मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा को प्रदेश संयोजक बनाया गया है।वहीं, सीताराम पोसवाल, पुनीत कर्नावट और भवानीशंकर शर्मा को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है। प्रचार सामग्री, सोशल मीडिया और जनसंपर्क से जुड़े कामों के लिए अलग-अलग समितियां बनाने की भी जानकारी दी गई है।इन व्यवस्थाओं के जरिए पार्टी प्रदेशभर में अभियान का संदेश पहुंचाने और स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की कोशिश करेगी।

कांग्रेस और भाजपा के बीच बढ़ सकती है राजनीतिक सरगर्मी

राजस्थान में भाजपा के इस अभियान से सत्ताधारी दल और मुख्य विपक्षी कांग्रेस के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कांग्रेस जहां सरकार की नीतियों और फैसलों पर सवाल उठाती रही है, वहीं भाजपा अब विपक्ष के आरोपों का जवाब जनता के बीच जाकर देने की तैयारी कर रही है।आगामी स्थानीय और पंचायत चुनावों के माहौल में ऐसे अभियान राजनीतिक दलों के जनसंपर्क और संगठनात्मक सक्रियता के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकते हैं। हालांकि, अभियान का वास्तविक राजनीतिक असर कार्यक्रमों में भागीदारी और जनता की प्रतिक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

अब अभियान के कार्यक्रमों पर रहेगी नजर

भाजपा की योजना जयपुर से लेकर जिला और विधानसभा स्तर तक जनसभाओं, पदयात्राओं और संवाद कार्यक्रमों के जरिए अपने पक्ष को जनता तक पहुंचाने की है। अभियान में SIR, घुसपैठ और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे विषयों को प्रमुखता मिलने की बात कही गई है।अब यह देखना होगा कि पार्टी इन कार्यक्रमों को किस स्तर पर आयोजित करती है और कांग्रेस की ओर से इसका क्या जवाब दिया जाता है। आने वाले दिनों में राजस्थान का राजनीतिक माहौल इन गतिविधियों के कारण और सक्रिय हो सकता है।

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Stv News Rajasthan

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