अलवर में रेलवे स्टेशन अधीक्षक से 12.75 लाख की ठगी, फर्जी प्लॉट दिखाकर जालसाजों ने रची साजिश
अलवर में रेलवे स्टेशन अधीक्षक को सस्ते प्लॉट का झांसा देकर 12.75 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने फर्जी एग्रीमेंट बनाकर रकम हड़प ली और बाद में रजिस्ट्री से इनकार कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सस्ते प्लॉट का झांसा देकर बिछाया जाल
पीड़ित सीताराम जाटव, जो अलवर रेलवे स्टेशन के अधीक्षक हैं, को तीन लोगों ने खुद को प्रॉपर्टी डीलर बताकर संपर्क किया। आरोपियों में रामगढ़ का फारूक खान, रोहतक (हरियाणा) का नवीन सैनी और लक्ष्मणगढ़ का मुकेश प्रजापत शामिल हैं। इन लोगों ने शहर के अच्छे इलाके में सस्ते दाम पर प्लॉट दिलाने का दावा किया और धीरे-धीरे उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।
फर्जी एग्रीमेंट बनाकर ऐंठे 12.75 लाख
आरोपियों ने बख्तल की चौकी क्षेत्र स्थित ‘सोना विहार’ कॉलोनी में 150 वर्ग गज का प्लॉट दिखाया। सौदा 12 लाख 75 हजार रुपये में तय होने के बाद उन्होंने एक फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर पीड़ित से पूरी राशि ले ली। यह रकम अलग-अलग किस्तों और नकद भुगतान के रूप में वसूली गई, जिसमें कोई वैध दस्तावेज नहीं दिया गया।
रजिस्ट्री से इनकार, खुला पूरा फर्जीवाड़ा
जब पीड़ित ने पूरी रकम देने के बाद प्लॉट की रजिस्ट्री की मांग की तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी और बाद में साफ इनकार कर दिया। शक होने पर सीताराम ने मौके पर जाकर जांच की, जहां पता चला कि जिस जमीन का सौदा किया गया था, वह आरोपियों की थी ही नहीं। यह खुलासा होते ही ठगी का पूरा खेल सामने आ गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने फारूक खान, नवीन सैनी और मुकेश प्रजापत के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच में अन्य संभावित पीड़ितों की भी पड़ताल की जा रही है।