#देश दुनिया #पॉलिटिक्स #राज्य-शहर

क्या राहुल गांधी और विजय साथ आएंगे? तमिलनाडु में कांग्रेस की रणनीति पर शनिवार को बड़ी बैठक


अप्रैल–मई 2026 में होने वाले पांच विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस आलाकमान ने बैठकों का सिलसिला शुरू कर दिया है। शनिवार शाम राहुल गांधी और वरिष्ठ तमिलनाडु कांग्रेस नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे, जिसमें तमिलनाडु के लिए पार्टी की भावी रणनीति पर फैसला होने की उम्मीद है।


डीएमके और कांग्रेस के बीच गठबंधन का पेंच

तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके का गठबंधन लगभग दो दशक से चला आ रहा है। लेकिन अब कुछ प्रदेश कांग्रेस नेता अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के साथ गठबंधन की पैरवी कर रहे हैं।

  • कांग्रेस सत्ता में भागीदारी की मांग कर रही है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी स्टालिन सरकार में कम से कम छह मंत्री पद चाहती है।
  • डीएमके ने साफ़ कर दिया है कि कांग्रेस को सरकार में शामिल करने की गुंजाइश नहीं है।

सीट बंटवारे पर मतभेद

  • पिछले चुनावों में कांग्रेस को 25 सीटें मिली थीं, जबकि इस बार वह करीब 35 सीटें चाहती है।
  • डीएमके केवल 19 सीटें देने को तैयार है।
  • कांग्रेस की कोशिश थी कि दिसंबर 2025 तक सीट बंटवारे का फ़ार्मूला तय हो जाए, लेकिन डेडलाइन के बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ।

टीवीके क्यों आकर्षक?

कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि टीवीके:

  • कांग्रेस को 60 से ज़्यादा सीटें देने को तैयार है।
  • सरकार बनने पर सत्ता में साझेदार बनने का आश्वासन भी देती है।

कांग्रेस के सर्वे में टीवीके को लगभग 30 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है।

  • विजय की लोकप्रियता दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी है।
  • उनके सहारे कांग्रेस केरल के ईसाई वोटों को साधने में भी मदद पा सकती है।

राहुल गांधी और विजय की हालिया बातचीत

  • हाल ही में राहुल गांधी ने विजय की फ़िल्म जन नायकन के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया।
  • करूर भगदड़ के बाद राहुल गांधी ने उनसे फ़ोन पर बात की।
  • राहुल के करीबी नेता प्रवीण चक्रवर्ती ने भी विजय से मुलाकात की और डीएमके सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठाए।

कांग्रेस आलाकमान की रणनीति

कांग्रेस नेतृत्व उस पार्टी के साथ गठबंधन करना पसंद करेगा, जहाँ बेहतर डील मिल सके। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस के ज्यादातर नेता डीएमके का साथ जरूरी मानते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • डीएमके जैसे पुराने सहयोगी को छोड़कर नया प्रयोग करना आसान नहीं होगा।
  • टीवीके के बहाने कांग्रेस डीएमके पर दबाव बना रही है।
  • तमिलनाडु में कांग्रेस का जनाधार बहुत कम है, और पिछले लोकसभा चुनावों में क्लीन स्वीप डीएमके की बदौलत ही हुआ।

देखने वाली बात

  • क्या कांग्रेस इस बार डीएमके को छोड़कर टीवीके के साथ नया प्रयोग करेगी?
  • या फिर पुराने गठबंधन को बचाकर राज्य में पार्टी के हितों की कुर्बानी देगी?

शनिवार की बैठक में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कांग्रेस तमिलनाडु में अपनी आगामी रणनीति किस दिशा में ले जाएगी।

author avatar
stvnewsonline@gmail.com

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *