राहुल गांधी को शादी की सलाह पर सियासी संग्राम
डोटासरा बोले– मंत्री की भाषा उनके संस्कार दिखाती है
🔥 बयान से भड़की राजस्थान की राजनीति
राहुल गांधी को शादी करने की सलाह देकर राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा सियासी विवादों में घिर गए हैं. इस बयान के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने तीखा पलटवार किया है. कांग्रेस नेताओं ने इसे निजी जीवन में दखल बताते हुए भाजपा सरकार की सोच और भाषा पर सवाल खड़े किए हैं.
🗣️ डोटासरा का तीखा हमला: भाषा से झलकते हैं संस्कार
राजस्थान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मंत्री सुमित गोदारा के बयान को बेहद आपत्तिजनक बताया. उन्होंने कहा कि सरकार के मंत्री जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह उनकी मानसिकता और संस्कारों को उजागर करता है.
डोटासरा ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसी सोच RSS की पाठशाला में सिखाई जाती है, जहां व्यक्तिगत टिप्पणियों को राजनीति का हथियार बनाया जाता है.
❓ निजी जीवन पर टिप्पणी का अधिकार किसे?
डोटासरा ने सवाल उठाया कि किसी नेता के निजी जीवन पर टिप्पणी करने का अधिकार आखिर मंत्री को किसने दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के पास विकास और जनहित से जुड़ा कोई ठोस विजन नहीं है, इसलिए मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह की बयानबाजी की जा रही है.
⚠️ खाचरियावास का वार: हद में रहकर करें राजनीति
पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी सुमित गोदारा पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि मंत्रियों को अपनी भाषा और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए.
खाचरियावास ने साफ शब्दों में कहा,
“ओछा बोलोगे तो ओछा सुनोगे।”
उन्होंने भाजपा नेताओं को नसीहत दी कि सार्वजनिक जीवन में रहने वालों को सोच-समझकर बोलना चाहिए, क्योंकि बयान सिर्फ व्यक्ति नहीं, पूरी पार्टी की छवि बनाते हैं.
📌 विवाद की जड़: रेहान वाड्रा की सगाई पर टिप्पणी
दरअसल, प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा की अवीवा बेग से सगाई के बाद यह विवाद शुरू हुआ. जयपुर स्थित बीजेपी मुख्यालय में जनसुनवाई के दौरान पत्रकारों ने मंत्री सुमित गोदारा से इस सगाई को लेकर सवाल किया था.
💬 “राहुल गांधी भी शादी करें” बयान बना बवाल
पत्रकारों के सवाल के जवाब में सुमित गोदारा ने कहा था कि सगाई होना अच्छी बात है और शादी भी होनी चाहिए. इसी दौरान उन्होंने यह भी कह दिया कि राहुल गांधी को भी शादी करनी चाहिए, और शादी के बाद वह “सही रास्ते पर चलेंगे”.
इस बयान को कांग्रेस ने निजी जीवन पर हमला और राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन बताया.
🔍 राजनीतिक विश्लेषण: मुद्दों से भटकाने की कोशिश?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह की टिप्पणियां विकास, महंगाई और रोजगार जैसे अहम मुद्दों से ध्यान हटाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं. निजी जीवन को राजनीति में घसीटना अक्सर विवाद तो पैदा करता है, लेकिन जनता के असली सवालों का जवाब नहीं देता.