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प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजम पर उठाए सवाल, यौन उत्पीड़न के आरोपों पर जताई नाराजगी

JNU की छात्राओं से जुड़े कथित यौन उत्पीड़न मामले में शिवसेना (UBT) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के इंटरव्यू पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने एक न्यूज चैनल पर आरोपी सांसद को अपना पक्ष रखने के लिए मंच देने पर नाराजगी जताई। इस मामले में BJP की महिला सांसद भी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से कार्रवाई की मांग कर चुकी हैं। विवाद के बीच कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक चर्चा हो रही है।

न्यूज चैनल के इंटरव्यू पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी

शिवसेना (UBT) की नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक न्यूज चैनल के इंटरव्यू को लेकर नाराजगी जताई। चैनल पर JNU से बर्खास्त किए गए कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम का विस्तृत इंटरव्यू प्रसारित किया गया था।प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि कथित यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपी सांसद को इतना बड़ा मंच क्यों दिया गया। उन्होंने कहा कि चैनल ने उन्हें दर्शकों के सामने अपना पक्ष रखने का अवसर दिया।उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, आरोपी का पक्ष प्रसारित करना और आरोपों की सत्यता तय करना अलग-अलग विषय हैं।

JNU की कार्रवाई के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद

अंगोमचा बिमोल अकोइजम मणिपुर की इनर मणिपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस सांसद हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने छात्राओं से जुड़ी शिकायतों की जांच के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त किया था।यह मामला कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है। इसलिए आरोपों, विश्वविद्यालय की विभागीय कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया को अलग-अलग समझना जरूरी है।सांसद की ओर से आरोपों और जांच प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों को भी रिपोर्टिंग में शामिल करना महत्वपूर्ण है। आरोपों की अंतिम पुष्टि संबंधित साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगी।

BJP की महिला सांसदों ने राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

इस मामले में BJP की महिला सांसदों ने भी कार्रवाई की मांग उठाई है। रिपोर्ट के अनुसार, पार्टी की 15 महिला सांसदों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल ने मामले को गंभीर बताते हुए संबंधित सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस घटनाक्रम के बाद विवाद को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज हो गईं।हालांकि, किसी भी ज्ञापन या राजनीतिक मांग से आरोप अपने आप साबित नहीं हो जाते। मामले में संबंधित संस्थाओं की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण रहेंगे।

महिला सम्मान के मुद्दे पर प्रियंका चतुर्वेदी का रुख चर्चा में

प्रियंका चतुर्वेदी ने पहले भी महिला सम्मान के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की थी। वह वर्ष 2019 में कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में शामिल हुई थीं। इसके बाद वह शिवसेना की ओर से राज्यसभा सदस्य बनीं।महिला सम्मान और राजनीतिक दलों की जवाबदेही को लेकर उनके पुराने बयानों के कारण इस मामले में उनकी प्रतिक्रिया भी चर्चा में है। हालांकि, उनके ताजा बयान में मुख्य सवाल न्यूज चैनल द्वारा सांसद को इंटरव्यू देने का मंच उपलब्ध कराने पर केंद्रित है।

क्या राहुल गांधी भी निशाने पर हैं?

इस मामले को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लेकिन उपलब्ध बयान के आधार पर यह कहना उचित नहीं होगा कि प्रियंका चतुर्वेदी ने सीधे राहुल गांधी को निशाना बनाया है।उनकी सामने आई प्रतिक्रिया मुख्य रूप से न्यूज चैनल के इंटरव्यू और कथित यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़े सांसद को मंच देने पर है। कांग्रेस नेतृत्व की भूमिका को लेकर अलग-अलग राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाओं को उनके संबंधित बयानों के आधार पर ही समझा जाना चाहिए।फिलहाल, इस मामले में विश्वविद्यालय की कार्रवाई, सांसद का पक्ष और राजनीतिक दलों की मांगें चर्चा के केंद्र में हैं। आगे की स्थिति संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और मामले से जुड़े आधिकारिक तथ्यों पर निर्भर करेगी।


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Stv News Rajasthan

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