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संदिग्ध हालात में कैदी की मौत सीधी जेल मौत पर विवाद, “8 घंटे पहले मौत” खुलासे से हड़कंपसंदिग्ध हालात में कैदी की मौत

सीधी जिला जेल में बंद एक कैदी की मौत ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। पॉक्सो एक्ट के मामले में 2023 से बंद रजनीश दुबे की मौत शुक्रवार को हुई, लेकिन घटनाक्रम को लेकर कई तरह की आशंकाएं सामने आ रही हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कैदी की तबीयत खराब होने की बात कही गई, लेकिन जिस तरह से मौत का समय और परिस्थितियां सामने आई हैं, उसने मामले को संदिग्ध बना दिया है। इस घटना के बाद जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जेल प्रशासन का पक्ष

जेल प्रशासन का कहना है कि कैदी पहले से बीमार था और उसका नियमित इलाज किया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद जेल के डॉक्टर द्वारा उपचार किया गया। जब हालत ज्यादा गंभीर हुई तो रात के समय उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रशासन का दावा है कि उन्होंने पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार अपनाई, लेकिन घटनाक्रम को लेकर उठ रहे सवालों ने इस दावे को चुनौती दी है।

डॉक्टर के बयान से बढ़ा विवाद

मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब जिला अस्पताल के डॉक्टर ने यह दावा किया कि कैदी की मौत अस्पताल लाने से करीब 8 घंटे पहले ही हो चुकी थी। इस बयान ने पूरे मामले को और ज्यादा उलझा दिया है। अगर यह दावा सही है, तो यह सवाल उठता है कि कैदी को समय पर अस्पताल क्यों नहीं पहुंचाया गया। साथ ही यह भी शक पैदा होता है कि कहीं घटना के बाद जानकारी को छिपाने की कोशिश तो नहीं की गई। इस खुलासे के बाद जांच की मांग तेज हो गई है।

न्यायिक जांच के आदेश

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं। अब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को इस मामले में अहम माना जा रहा है, जिससे मौत के असली कारणों का पता चल सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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