Pravasi Rajasthani Divas 2025: CM भजनलाल शर्मा बोले— “राजस्थान आइए, एक टिकट में 4–5 फिल्में देखने जैसा अनुभव मिलेगा”
जयपुर में आयोजित पहले प्रवासी राजस्थानी दिवस में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दुनियाभर से आए 5,000 से अधिक प्रवासी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान सिर्फ मातृभूमि नहीं, बल्कि ऐसा अनुभव है जिसे एक ही यात्रा में कई रंगों की “4–5 फिल्मों” की तरह देखा जा सकता है। इस अवसर पर सरकार ने प्रवासी राजस्थानी नीति को औपचारिक रूप से लागू कर दिया।
1. “दिल हमेशा मिट्टी से जुड़ा रहता है”—CM ने प्रवासियों का किया स्वागत
सीतापुरा स्थित JECC कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों को संबोधित करते हुए कहा—
“जीवन आपको कहीं भी ले जाए, लेकिन दिल हमेशा अपनी मिट्टी और अपनी संस्कृति के लिए धड़कता है।”
इस भव्य आयोजन में 20 देशों से आए 5,000+ प्रवासी प्रतिनिधि मौजूद रहे।
2. प्रवासी राजस्थानी नीति लागू: पहचान, सहयोग और निवेश का नया रास्ता
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वादे के अनुसार प्रवासी राजस्थानी मामलात विभाग का गठन कर दिया गया है और आज से नई प्रवासी राजस्थानी नीति लागू हो गई है।
इस नीति से प्रवासी समुदाय को मिलेगा:
- पहचान और सम्मान
- सरकारी कार्यों में सुविधा
- सरल निवेश व्यवस्था
- मातृभूमि के विकास में भागीदारी का रोडमैप
CM ने कहा कि उद्देश्य यह है कि प्रवासी लोग चाहे दुनिया में कहीं भी हों, उन्हें मातृभूमि से दूरी महसूस न हो।
3. “यह सिर्फ आयोजन नहीं, उपलब्धियों और संस्कृति का संगम है”
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह दिवस राजस्थान की उपलब्धियों, संस्कृति और विकास को एक साथ जोड़ने का प्रयास है।
उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष राइजिंग राजस्थान के जरिए दुनिया भर के प्रवासी राजस्थानियों को एक मंच पर लाया गया था और इस बार यह मंच और मजबूत होकर लौटा है।
4. राजस्थान पर्यटन का अनोखा मॉडल—“एक जगह आएं, कई अनुभव पाएं”
राजस्थान पर्यटन की विविधता बताते हुए CM ने कहा—
“राजस्थान आएंगे तो ऐसा लगेगा जैसे एक टिकट में 4 से 5 फिल्में देख ली हों। यहां रेगिस्तान है, झीलें हैं, वन्य अभयारण्य, किले, महल और शेखावाटी की हवेलियाँ—हर ज़ोन एक अलग कहानी है।”
उन्होंने इसे राजस्थान की असीम सांस्कृतिक और प्राकृतिक विविधता का प्रतीक बताया।
5. “साल में दो बार राजस्थान जरूर आएं”—CM का भावुक आह्वान
मुख्यमंत्री ने प्रवासी राजस्थानियों से अपील करते हुए कहा—
“मां अपने बच्चों को कभी नहीं भूलती, और बच्चे मां को नहीं। आप वर्ष में कम से कम दो बार अपने परिवार के साथ राजस्थान आइए।”
उन्होंने कहा कि बच्चों और आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, कहानियों और पहचान से जोड़ने का यही सबसे महत्वपूर्ण साधन है।
6. प्रवासी राजस्थानियों को जोड़ने की नई रणनीति
इस आयोजन के माध्यम से सरकार:
- प्रवासियों को सांस्कृतिक और भावनात्मक रूप से जोड़ने
- राज्य में पर्यटन, निवेश और उद्योग बढ़ाने
- और राजस्थान को एक ग्लोबल नेटवर्किंग हब बनाने की दिशा में काम कर रही है।
नई नीति प्रवासी समुदाय को राज्य के विकास में प्रत्यक्ष भूमिका देने का अवसर भी प्रदान करेगी।