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राम मंदिर दान विवाद पर सियासत तेज, कांग्रेस ने उठाए बड़े सवाल

अयोध्या के राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े कथित दान अनियमितता मामले ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के दान से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए।

के.सी. वेणुगोपाल ने BJP-RSS पर साधा निशाना

कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में आरोप लगाया कि राम मंदिर में प्राप्त दान के प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो संगठन खुद को धार्मिक मूल्यों का संरक्षक बताते हैं, उन पर लगे आरोपों की पारदर्शी जांच जरूरी है। कांग्रेस का कहना है कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रहे। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग

वेणुगोपाल ने मांग की कि कथित दान अनियमितता की जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए। उनका कहना है कि स्वतंत्र जांच से ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि दर्ज एफआईआर में केवल निचले स्तर के कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं, जबकि ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जांच एजेंसियों ने फिलहाल मामले की जांच जारी होने की बात कही है।

ट्रस्ट प्रबंधन और FCRA को लेकर भी उठे सवाल

कांग्रेस ने ट्रस्टों के वित्तीय प्रबंधन और विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (FCRA) के अनुपालन को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि सभी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के लिए पारदर्शिता और समान नियम लागू होने चाहिए। दूसरी ओर, इस पूरे विवाद के बीच ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे की चर्चा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बनी हुई है। हालांकि, इस्तीफों के कारणों और आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

FIR दर्ज, SIT कर रही है जांच

उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच एजेंसियां कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो दस्तावेजों, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रहा है। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक रिपोर्ट तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।

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