जालोर में लिव-इन रिलेशनशिप पर पंचायत का फरमान, 21 लाख का जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार
राजस्थान के जालोर जिले में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर समाज की पंचायत के कथित फैसले ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि अपनी मर्जी से साथ रह रहे युवक-युवती के परिवारों पर पंचायत ने 21 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया और सामाजिक बहिष्कार का आदेश सुनाया। मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच शुरू होने की पुष्टि की है।
बाल विवाह के बाद कानूनी तलाक, फिर लिव-इन में रहने का फैसला
पीड़ित पक्ष के अनुसार, युवती का बचपन में बाल विवाह हुआ था। बालिग होने के बाद उसने वर्ष 2024 में कानूनी प्रक्रिया के तहत तलाक लिया और अलग रहने लगी। इसके बाद वह नवंबर 2025 से अपनी इच्छा से समाज के ही एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगी। परिवार का कहना है कि दोनों बालिग हैं और अपनी सहमति से साथ रह रहे हैं। इसी निर्णय के बाद समाज के कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और मामला पंचायत तक पहुंच गया।
पंचायत ने पहले चेतावनी दी, फिर लगाया 21 लाख का जुर्माना
परिवार का आरोप है कि फरवरी 2026 में पंचायत बुलाकर युवती को उसके मायके भेजने के लिए दो महीने का समय दिया गया था। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद 20 अप्रैल 2026 को दोबारा पंचायत हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। शिकायत के मुताबिक, इसी बैठक में दोनों परिवारों पर 21 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। साथ ही कथित तौर पर हुक्का-पानी बंद करने और सामाजिक बहिष्कार का भी फरमान सुनाया गया।
स्थानीय कार्रवाई से असंतुष्ट परिवार पहुंचा एसपी कार्यालय
पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार सामाजिक दबाव और कथित प्रताड़ना के बावजूद स्थानीय स्तर पर उन्हें पर्याप्त राहत नहीं मिली। इसके बाद 29 जून 2026 को परिवार ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दी और नामजद लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पंचायत के फैसले के कारण परिवार सामाजिक और मानसिक दबाव का सामना कर रहा है।
पुलिस ने कहा- जांच जारी, कानून के अनुसार होगी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सायला थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह के अनुसार, इस संबंध में मामला दर्ज है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे प्रकरण की जांच जारी है।