पलखड़ी PHC में डॉक्टर की गैरमौजूदगी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा…
✦ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रदर्शन
अलवर जिले के पलखड़ी गांव स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से डॉक्टर के नियमित रूप से उपस्थित न रहने को लेकर मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा अस्पताल परिसर में पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया।
✦ इलाज के बजाय मरीजों को किया जा रहा रेफर
ग्रामीणों का आरोप है कि PHC में तैनात डॉक्टर कई-कई महीनों तक अस्पताल नहीं आतीं। जब मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें अकबरपुर या अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, जिससे गरीब और बुजुर्ग मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
✦ स्टाफ की कमी और अव्यवस्था के आरोप
युवा प्रतिनिधि बरकत खान ने बताया कि कागजों में अस्पताल में 10 से 12 कर्मचारी तैनात दिखाए जाते हैं, लेकिन मौके पर केवल 3–4 कर्मचारी ही मौजूद रहते हैं। डॉक्टर की कुर्सी अधिकतर खाली रहती है और मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
✦ बिना डॉक्टर के लिखी जा रही दवाइयां
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार मरीजों को डॉक्टर को दिखाए बिना ही कंपाउंडर द्वारा दवाइयां लिख दी जाती हैं। यह स्थिति ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है।
✦ महीने में कुछ दिन ही आती हैं डॉक्टर
ग्रामीण अरबाज खान के अनुसार, डॉक्टर महीने में केवल 2 से 5 दिन ही अस्पताल आती हैं। वे हाजिरी लगाकर चली जाती हैं, जबकि अधिकांश समय अस्पताल बिना डॉक्टर के ही संचालित होता है।
✦ गर्भवती महिलाओं को भी नहीं मिल रहा समुचित इलाज
ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही के कारण गर्भवती महिलाओं को भी उचित चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। केवल औपचारिक जांच कर उन्हें वापस भेज दिया जाता है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
✦ बीसीएमओ ने दी जांच की बात
मामले को लेकर बीसीएमओ डॉ. जितेंद्र शेखर ने बताया कि संबंधित डॉक्टर का पीजी में चयन हो चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी।
✦ वैकल्पिक डॉक्टर की मांग पर अड़े ग्रामीण
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब डॉक्टर का चयन हो चुका है तो अब तक वैकल्पिक डॉक्टर की नियुक्ति क्यों नहीं की गई। प्रदर्शनकारियों ने जल्द डॉक्टर की नियुक्ति और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की।
✦ विश्लेषण: ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठते सवाल
विश्लेषण के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और वैकल्पिक व्यवस्था न होना स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी कमजोरी को उजागर करता है। समय रहते समाधान नहीं हुआ तो इसका सीधा असर आमजन के स्वास्थ्य पर पड़ेगा।