ओपीएस पर उबाल: सरकार के फैसले से कर्मियों में नाराज़गी, “भरोसा तोड़ा”—जयपुर में दूसरा चरण का आंदोलन शुरू….
राजस्थान में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर कर्मचारियों का गुस्सा तेज हो गया है। सरकार द्वारा लिए गए नए पेंशन संबंधी निर्णय को कर्मचारियों ने “विश्वासघात” बताते हुए आदेश तुरंत वापस लेने की मांग की है। ओपीएस बचाओ संयुक्त मंच ने राज्यभर के कार्मिकों को जयपुर में इकट्ठा होने का आह्वान किया है, जहां आंदोलन का दूसरा चरण औपचारिक रूप से शुरू होगा।
सरकार के आदेश पर कर्मचारियों का सीधा हमला
राज्य सरकार की ओर से जारी नई पेंशन नीति संबंधी आदेश के बाद कर्मचारियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि OPS खत्म कर सरकार ने उन कार्मिकों के साथ विश्वासघात किया है, जिनकी सेवा शर्तों में पुरानी पेंशन की गारंटी शामिल थी। कर्मचारी संगठनों ने साफ कहा है कि एकतरफा निर्णय स्वीकार नहीं होगा और आदेश तुरंत वापस लिया जाए।
भरोसा टूट गया”—ओपीएस मंच का आरोप
ओपीएस बचाओ संयुक्त मंच ने बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार ने न केवल कर्मचारियों की अपेक्षाओं को तोड़ा है, बल्कि सेवानिवृत्ति के बाद उनके आर्थिक भविष्य को भी असुरक्षित कर दिया है। मंच ने इसे “नीतिगत अन्याय” करार देते हुए इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन की घोषणा की है।
राज्यभर से जयपुर पहुंचेंगे कर्मचारी
संयुक्त मंच के आह्वान पर शुक्रवार सुबह से राजस्थान के विभिन्न जिलों से कर्मचारी जयपुर पहुंचना शुरू हो गए हैं। मंच का दावा है कि हजारों कार्मिक इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे। जयपुर में बड़ा जुटान कर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार की गई है।
आंदोलन का दूसरा चरण आज से शुरू
ओपीएस समर्थक संगठन पहले चरण में ज्ञापन सौंप चुके हैं और जिला स्तर पर किया गया प्रदर्शन इस बार राज्यस्तरीय रूप ले रहा है। दूसरा चरण जयपुर से शुरू होकर पूरे प्रदेश में श्रृंखलाबद्ध आंदोलनों का रूप लेगा। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब तक OPS बहाल नहीं होगी, धरना-प्रदर्शन बंद नहीं होंगे।
सरकार से बातचीत के लिए दावा—“तैयार हैं, लेकिन निर्णय वापस लो”
संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे बातचीत के विरोधी नहीं हैं, मगर किसी भी वार्ता की शुरुआत सरकार द्वारा विवादित आदेश वापस लेने से होगी। नेताओं का कहना है कि OPS पुनर्बहाली ही कर्मचारियों के लिए सुरक्षित भविष्य की एकमात्र गारंटी है।