भिवाड़ी नगर परिषद में कामकाज ठप, आयुक्त समेत कर्मचारी धरने पर बैठे; मारपीट मामले में गिरफ्तारी की मांग पर अड़े
राजस्थान के भिवाड़ी नगर परिषद में मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक के साथ कथित मारपीट के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। घटना के विरोध में नगर परिषद आयुक्त सहित सभी अधिकारी और कर्मचारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज कर्मचारियों ने कामकाज पूरी तरह ठप कर दिया है और साफ चेतावनी दी है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
कचरा डंपिंग विवाद से शुरू हुआ मामला
जानकारी के अनुसार यह विवाद कचरा डंपिंग और सॉलिड वेस्ट प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर शुरू हुआ था। मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक दिनेश कुमार मीणा पर आरोप है कि उन्होंने अनियमितताओं को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद ऑटो टिपर चालकों और अन्य लोगों के साथ उनका विवाद बढ़ गया। मामला इतना बढ़ा कि कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग तक पहुंच गया। इसके बाद स्थिति ने गंभीर रूप ले लिया।
SC/ST एक्ट सहित कई धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में कई लोगों के नाम शामिल हैं, जिनमें ऑटो टिपर चालक और अन्य कर्मचारी बताए जा रहे हैं। मामला दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नगर परिषद कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
धरने पर बैठे अधिकारी, कामकाज पूरी तरह ठप
घटना के 24 घंटे बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारी धरने पर बैठ गए हैं। धरना स्थल पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है और स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों से बातचीत कर धरना समाप्त करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। उनका कहना है कि जब तक सभी नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
पुलिस पर कार्रवाई में देरी के आरोप
धरने के दौरान कर्मचारियों ने पुलिस की कार्रवाई की गति पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इतने गंभीर मामले में भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। इस बीच पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे नगर परिषद क्षेत्र में प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद नगर परिषद की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल पर कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी निगरानी रखी जा रही है। अब सभी की नजर पुलिस की अगली कार्रवाई और धरने के समाधान पर टिकी है।