जयपुर में भारत-आयरलैंड मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार, करोड़ों के नेटवर्क का खुलासा
जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की स्पेशल टीम ने प्रताप नगर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। भारत-आयरलैंड मैच पर कथित रूप से करोड़ों रुपये का सट्टा संचालित करने वाले पांच युवकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन, लैपटॉप और सट्टे के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले की जांच में अंतरराज्यीय नेटवर्क के संकेत भी मिले हैं।
प्रताप नगर के फ्लैट पर पुलिस की दबिश, हाईटेक सेटअप मिला
स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश के निर्देशन में पुलिस टीम पिछले कई दिनों से तकनीकी निगरानी के जरिए इस नेटवर्क पर नजर बनाए हुए थी। सूचना मिलने पर प्रताप नगर स्थित एक फ्लैट पर छापा मारा गया, जहां भारत-आयरलैंड क्रिकेट मैच के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी संचालित की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान पांच युवकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से 13 सक्रिय स्मार्टफोन, दो लैपटॉप और दो रजिस्टर बरामद किए, जिनमें कथित तौर पर सट्टे के लेन-देन और हिसाब-किताब का रिकॉर्ड दर्ज मिला।
जांच में सामने आया अंतरराज्यीय नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को इस सट्टेबाजी रैकेट के अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का संचालन सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था। जांच में सामने आया कि पूरे नेटवर्क का संचालन कथित तौर पर दिल्ली से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था, जिसे ‘रोलेक्स’ नाम से जाना जाता है। पुलिस के अनुसार वह अवैध लेन-देन के लिए विभिन्न बैंक खातों की व्यवस्था करता था। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही हैं।
रोजाना लाखों रुपये के लेन-देन की जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कथित बैंक खातों के माध्यम से प्रतिदिन 15 से 20 लाख रुपये तक का लेन-देन किया जा रहा था। जब्त किए गए मोबाइल, लैपटॉप और दस्तावेजों की डिजिटल फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क और आर्थिक लेन-देन की वास्तविक जानकारी सामने आ सके। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क का संबंध अन्य राज्यों या बड़े सट्टेबाजी गिरोहों से तो नहीं है।
फ्लैट मालिक पर भी होगी कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी जयपुर के बाहर के रहने वाले हैं और उन्होंने किराए पर फ्लैट लेकर कथित अवैध गतिविधियां संचालित कीं। प्रारंभिक जांच में बिना पुलिस सत्यापन के फ्लैट किराए पर देने की बात सामने आई है। इसी आधार पर फ्लैट मालिक के खिलाफ भी नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मकान मालिकों और प्रॉपर्टी डीलरों से अपील की है कि किसी भी किरायेदार को मकान देने से पहले उसका पुलिस सत्यापन और पहचान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य कराएं।