हाईवे यात्रियों को बड़ी राहत, एक ही जगह मिलेंगी पेट्रोल, रिपेयरिंग, भोजन और शॉपिंग की सुविधाएं
राजस्थान समेत देशभर में विकसित होंगे आधुनिक वे-साइड एमेनिटी सेंटर
राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही बेहतर और सुविधाजनक यात्रा अनुभव मिलने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हाईवे किनारे आधुनिक वे-साइड एमेनिटी सेंटर विकसित कर रहा है, जहां यात्रियों को पेट्रोल पंप, वाहन मरम्मत, भोजन, शॉपिंग, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। राजस्थान सहित देशभर में इन केंद्रों के विकास की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन सुविधाओं से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
हर 40 से 60 किलोमीटर पर विकसित होंगे सुविधा केंद्र
एनएचएआई का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों को नियमित अंतराल पर आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसी के तहत विभिन्न हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर लगभग 40 से 60 किलोमीटर की दूरी पर वे-साइड एमेनिटी सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से यात्रियों को ईंधन भरवाने, वाहन की तकनीकी समस्या दूर कराने और आराम करने के लिए अलग-अलग स्थानों की तलाश नहीं करनी पड़ेगी। एक ही परिसर में कई प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध होने से यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगी।
700 से अधिक केंद्रों के विकास पर चल रहा काम
देशभर में 700 से अधिक वे-साइड एमेनिटी सेंटर विकसित करने की योजना पर काम जारी है। इनमें से कई केंद्र पहले ही शुरू हो चुके हैं, जबकि अन्य स्थानों पर निर्माण कार्य प्रगति पर है। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। केंद्रों में पार्किंग, शौचालय, भोजनालय, विश्राम क्षेत्र और आपातकालीन सहायता जैसी सेवाओं को भी शामिल किया जा रहा है। इससे लंबी दूरी के वाहन चालकों और परिवारों के साथ यात्रा करने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलेगा।
वाहन चालकों को मिलेगा तत्काल तकनीकी सहयोग
हाईवे पर वाहन खराब होना अक्सर यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनता है। नए वे-साइड एमेनिटी सेंटरों में वाहन मरम्मत और तकनीकी सहायता की व्यवस्था होने से इस समस्या का समाधान आसान हो सकेगा। चालक वाहन में आई खराबी को मौके पर ही ठीक करवा सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और यात्रा में अनावश्यक देरी नहीं होगी। साथ ही आपातकालीन सहायता सेवाएं भी उपलब्ध रहने से सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे बना मॉडल
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर पहले से संचालित आधुनिक सुविधा केंद्र इस योजना का सफल उदाहरण माने जा रहे हैं। यहां यात्रियों को भोजन, पेट्रोल पंप, शॉपिंग, स्वच्छ शौचालय, पेयजल और आराम के लिए विशेष स्थान उपलब्ध कराए गए हैं। इन सुविधाओं का सकारात्मक अनुभव मिलने के बाद अब अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर भी इसी मॉडल को विस्तार देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे देश के सड़क परिवहन नेटवर्क को और अधिक यात्री-अनुकूल बनाया जा सकेगा।
भविष्य में बढ़ेंगी और आधुनिक सुविधाएं
एनएचएआई भविष्य में इन केंद्रों को और अधिक आधुनिक बनाने की योजना पर भी विचार कर रहा है। इनमें स्थानीय उत्पादों की बिक्री, बच्चों के मनोरंजन क्षेत्र, बेहतर फूड कोर्ट, डिजिटल सेवाएं और पर्यटकों के लिए सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं। इससे ये केंद्र केवल विश्राम स्थल नहीं बल्कि छोटे बहुउद्देश्यीय ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।