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दिल्ली की हवा पर नई आफत: इथियोपिया के ज्वालामुखी की राख 120 किमी/घंटे की रफ्तार से भारत पहुंची….

दिल्ली-एनसीआर पहले से ही जहरीले धुएं और खराब AQI से जूझ रहा है, ऐसे में 4,500 किलोमीटर दूर इथियोपिया में फटा ज्वालामुखी उत्तर भारत के लिए एक नई चिंता बनकर सामने आया है। हैली गुब्बी ज्वालामुखी से उठा राख का गुबार तेज रफ्तार से भारत की ओर बढ़ा और पश्चिमी व उत्तरी राज्यों के आसमान को प्रभावित करने लगा। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार इसका सतह पर प्रदूषण से बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन हवाई यातायात पर इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।

भारत में राख का रास्ता: किन क्षेत्रों में पहुंचा ज्वालामुखी का बादल ?

इंडियामेटस्काई वेदर के अनुसार, राख का बादल सबसे पहले गुजरात की पश्चिमी सीमा से भारत में दाखिल हुआ।
रात होते-होते यह राजस्थान, उत्तर-पश्चिम महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली तक फैल गया।
इसके बाद यह हिमालयी क्षेत्रों की ओर बढ़ता दिखाई दिया।
IMD ने अनुमान लगाया कि 25 नवंबर की शाम तक यह गुबार भारतीय सीमा से बाहर निकलकर चीन की ओर बढ़ जाएगा।

ज्वालामुखी की राख में क्या-क्या मिला ?

राख के बादल की गति 100–120 किमी/घंटा रही, और यह 15,000 से लेकर 45,000 फीट की ऊंचाई पर तैरता रहा।
इसमें शामिल थे—

  • ज्वालामुखीय राख
  • सल्फर डाइऑक्साइड
  • कांच और चट्टान के सूक्ष्म कण

ये कण सतह पर नहीं, बल्कि मध्य व ऊपरी वायुमंडल में यात्रा कर रहे हैं।

क्या इससे स्वास्थ्य या AQI बिगड़ेगा?—खतरे का आकलन

मौसम एजेंसियों ने साफ किया है कि इस राख का AQI पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि बादल जमीन से बहुत ऊंचाई पर है।

  • आसमान सामान्य से ज्यादा धुंधला दिख सकता है
  • सूरज की रोशनी थोड़ी फीकी दिख सकती है
  • लेकिन हवा की गुणवत्ता में प्रदूषण बढ़ने का खतरा नहीं है

केवल स्थानीय प्रदूषकों का असर ही AQI में नजर आएगा।

फ्लाइट्स की मुश्किलें: एयरलाइंस ने बदले रूट, कई उड़ानें रद्द

राख के बादल का सबसे बड़ा असर एविएशन सेक्टर पर दिखाई दिया।
एयर इंडिया ने सोमवार को 7 अंतरराष्ट्रीय और मंगलवार को 4 घरेलू उड़ानें रद्द कर दीं, जिनमें शामिल हैं—

  • एआई 2822 (चेन्नई–मुंबई)
  • एआई 2466 (हैदराबाद–दिल्ली)
  • एआई 2444/2445 (मुंबई–हैदराबाद–मुंबई)
  • एआई 2471/2472 (मुंबई–कोलकाता–मुंबई)

कई उड़ानों के मार्ग बदले गए, और मौसम की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा एयर ने अभी तक नया अपडेट जारी नहीं किया है।

इथियोपिया में क्या हुआ?—ज्वालामुखी विस्फोट का ग्राउंड रिपोर्ट

एथियोपिया के अफार क्षेत्र में स्थित हैली गुब्बी ज्वालामुखी रविवार सुबह फट पड़ा।
राख ने आसपास के गांव अफ़देरा को पूरी तरह ढक दिया।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया—

  • कोई जनहानि नहीं हुई
  • लेकिन पशुपालक समुदाय पर बड़ा आर्थिक असर पड़ सकता है
  • इस ज्वालामुखी में इससे पहले किसी बड़े विस्फोट का रिकॉर्ड नहीं था

ग्रामीणों ने तेज धमाके, भूकंपीय झटके और घने राख के बादल की आवाजाही का अनुभव किया—मानो किसी ने अचानक बम गिरा दिया हो।

क्या भारत को चिंता करनी चाहिए?**

उत्तर भारत पहले से ही स्मॉग और खराब हवा से जूझ रहा है, ऐसे में राख का गुबार एक और पर्यावरणीय चुनौती जैसा लग सकता है।
लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार—

  • यह राख जमीन पर नहीं गिरेगी
  • AQI पर प्रभाव लगभग नगण्य होगा
  • सबसे बड़ा असर केवल फ्लाइट सुरक्षा और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट पर है

हाँ, आसमान कुछ समय के लिए धुंधला जरूर दिख सकता है, जिससे लोगों को प्रदूषण जैसा भ्रम हो सकता है।

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