NEET छात्र ने कुएं में कूदकर दी जान, मां के लिए 33 सेकंड का आखिरी वीडियो छोड़ गया
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले से एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 18 वर्षीय NEET अभ्यर्थी ने कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले छात्र ने अपनी मां के लिए 33 सेकंड का भावुक वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें वह रोते हुए माफी मांगता नजर आया। यह घटना परीक्षा के तनाव और मानसिक दबाव को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं।
आखिरी वीडियो में मां से भावुक अपील
मृतक छात्र सुशील ढागे ने आत्महत्या से पहले अपने मोबाइल फोन पर 33 सेकंड का वीडियो बनाया। वीडियो में वह रोते हुए अपनी मां से माफी मांगते हुए कहता है कि वह बहुत दर्द में है और अब और सहन नहीं कर पा रहा। उसने कहा कि “मां, मुझे माफ कर देना, अगले जन्म में फिर तेरी ही कोख से जन्म लूंगा।” वीडियो में वह अपने भाई और परिवार का ध्यान रखने की भी बात करता है। यह वीडियो घटना से पहले सोशल मीडिया और परिवार के बीच सामने आया, जिसने सभी को झकझोर दिया।
परीक्षा तनाव बना आत्महत्या का कारण
परिजनों के अनुसार छात्र लंबे समय से NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था और परीक्षा से जुड़े तनाव में था। 3 मई को आयोजित परीक्षा के बाद जब दोबारा परीक्षा ली गई, तो उसे पेपर काफी कठिन लगा। इसके बाद से वह लगातार मानसिक दबाव में रहने लगा था और अपने भविष्य को लेकर चिंतित था। परिवार का कहना है कि परीक्षा परिणाम और चयन को लेकर वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई।
NEET परीक्षा विवाद और बढ़ता दबाव
NEET UG परीक्षा को लेकर पहले भी विवाद सामने आ चुके हैं। परीक्षा रद्द होने और दोबारा आयोजन के बाद छात्रों पर मानसिक दबाव और बढ़ गया था। कई अभ्यर्थियों ने कठिन पेपर और अनिश्चितता को लेकर चिंता जताई थी। इस मामले ने एक बार फिर शिक्षा प्रणाली और परीक्षा प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि छात्रों पर बढ़ता दबाव मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, जिसमें मानसिक तनाव और परीक्षा संबंधी परिस्थितियों को भी शामिल किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मानसिक तनाव से जूझ रहे युवाओं को समय पर सहायता और काउंसलिंग दी जाए।