राजस्थान में यहां हनुमान बेनीवाल की RLP ने बनाया बोर्ड, BJP प्रत्याशी को एक भी वोट नहीं
नागौर जिले की मूंडवा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने जीत दर्ज की है। RLP की अलका कंदोई लगातार दूसरी बार पालिकाध्यक्ष निर्वाचित हुईं। उन्हें 13 वोट मिले, जबकि भाजपा से बगावत कर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे घनश्याम सदावत को 12 वोट मिले। सबसे चौंकाने वाला परिणाम भाजपा प्रत्याशी गीता के खाते में रहा। उन्हें एक भी वोट नहीं मिला। यहां तक कि उन्हें अपना वोट भी नहीं मिला। परिणाम के बाद मूंडवा में भाजपा के अंदरूनी समीकरण और क्रॉस वोटिंग चर्चा में आ गए हैं।
अलका कंदोई ने एक वोट से दर्ज की जीत
मूंडवा नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में कुल मुकाबला बेहद करीबी रहा। RLP प्रत्याशी अलका कंदोई को 13 वोट मिले, जबकि निर्दलीय घनश्याम सदावत को 12 वोट प्राप्त हुए।इस तरह अलका कंदोई ने महज एक वोट के अंतर से अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। परिणाम सामने आने के बाद RLP समर्थकों में उत्साह देखने को मिला।
BJP प्रत्याशी गीता को नहीं मिला एक भी वोट
चुनाव का सबसे चौंकाने वाला पहलू भाजपा प्रत्याशी गीता का प्रदर्शन रहा। उन्हें अध्यक्ष पद के चुनाव में एक भी वोट नहीं मिला।इनपुट के अनुसार, गीता को अपना वोट भी नहीं मिला। यह परिणाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि मूंडवा में भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी।
BJP के 10 पार्षद, चार समर्थित निर्दलीय
मूंडवा में पार्षद चुनाव के दौरान भाजपा के 10 पार्षद निर्वाचित हुए थे। इसके अलावा पार्टी समर्थित चार निर्दलीय पार्षद भी जीतकर आए थे।इस तरह भाजपा समर्थित खेमे के पास कुल 14 पार्षद थे। 20 सदस्यीय सदन में अध्यक्ष बनाने के लिए 11 वोट की जरूरत थी। संख्या के लिहाज से भाजपा खेमे के पास बहुमत से अधिक समर्थन बताया गया था।इसके बावजूद अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी गीता को एक भी वोट नहीं मिला।
टिकट नहीं मिलने पर घनश्याम सदावत ने लड़ा निर्दलीय चुनाव
अध्यक्ष पद के टिकट को लेकर भाजपा ने घनश्याम सदावत और रमाकांत शर्मा को पीछे छोड़ते हुए पहली बार पार्षद बनीं गीता को प्रत्याशी बनाया।टिकट नहीं मिलने के बाद घनश्याम सदावत ने भाजपा से बगावत करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा। उन्हें 12 पार्षदों का समर्थन मिला।इस परिणाम ने भाजपा के पार्षदों के बीच मतदान को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि किस पार्षद ने किसे वोट दिया, इसका आधिकारिक ब्योरा सार्वजनिक नहीं है।
RLP-कांग्रेस खेमे के पास था 11 का आंकड़ा
मूंडवा में RLP के सात और कांग्रेस के तीन पार्षद चुनाव जीतकर आए थे। इसके अलावा भाजपा के एक बागी पार्षद के समर्थन से इस खेमे के पास कुल 11 पार्षदों का समर्थन बताया गया था।अध्यक्ष पद के लिए बहुमत का आंकड़ा भी 11 था। हालांकि अंतिम मतदान में अलका कंदोई को 13 वोट मिले। इससे उनके पक्ष में अपेक्षित समर्थन से दो अतिरिक्त वोट आने की स्थिति सामने आई।
लगातार दूसरी बार पालिकाध्यक्ष बनीं अलका कंदोई
अलका कंदोई की यह मूंडवा नगर पालिका अध्यक्ष के तौर पर लगातार दूसरी जीत है। इससे पहले भी वह पालिकाध्यक्ष रह चुकी हैं।अब एक बार फिर RLP के समर्थन से उन्होंने नगर पालिका की कमान संभाली है। एक वोट के अंतर से मिली जीत ने इस चुनाव को और महत्वपूर्ण बना दिया है।
भाजपा के लिए परिणाम बना चर्चा का विषय
मूंडवा में भाजपा सबसे ज्यादा पार्षदों वाली पार्टी थी। पार्टी के 10 पार्षद और चार समर्थित निर्दलीय मिलाकर 14 का आंकड़ा बताया गया था।इसके बावजूद भाजपा प्रत्याशी के खाते में शून्य वोट आना स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में चर्चा का विषय बन गया है। वहीं भाजपा से बगावत कर मैदान में उतरे घनश्याम सदावत को 12 वोट मिले।अब इस परिणाम के बाद भाजपा संगठन की ओर से पार्षदों के मतदान और स्थानीय समीकरणों को लेकर समीक्षा किए जाने की संभावना है।
मूंडवा में बदला बोर्ड का राजनीतिक समीकरण
मूंडवा नगर पालिका के इस परिणाम ने स्थानीय निकाय की राजनीति में नया समीकरण बना दिया है। RLP की अलका कंदोई लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनी हैं, जबकि भाजपा के पास संख्या बल अधिक होने के बावजूद उसका अधिकृत प्रत्याशी जीत नहीं सका।अंतिम परिणाम में अलका कंदोई को 13 और घनश्याम सदावत को 12 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी गीता को शून्य वोट मिलने से यह चुनाव पूरे नागौर जिले में चर्चा का विषय बन गया है।