मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर गैस टैंकर हादसा, 18 घंटे तक ठप रहा ट्रैफिकहादसे के बाद बेकाबू हालात, किलोमीटरों लंबा जाम
मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर एक गैस टैंकर की दुर्घटना के बाद हालात पूरी तरह बिगड़ गए। हादसे के चलते एक्सप्रेसवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिसमें लाखों वाहन फंस गए। कई यात्रियों को 15 से 18 घंटे तक सड़क पर ही इंतजार करना पड़ा।
भीषण जाम में फंसे उद्योगपति डॉ. सुधीर मेहता
इसी ट्रैफिक जाम में पिनेकल इंडस्ट्रीज और EKA मोबिलिटी के चेयरमैन डॉ. सुधीर मेहता भी फंस गए। वे करीब 8 घंटे तक जाम में रुके रहे। हालात लगातार बिगड़ते देख अंततः उन्हें हेलीकॉप्टर के माध्यम से पुणे पहुंचाया गया।
एरियल तस्वीरें साझा कर प्रशासन पर उठाए सवाल
डॉ. सुधीर मेहता ने इस जाम की हवाई तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा कीं। उन्होंने पोस्ट के जरिए प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने व्यस्त एक्सप्रेसवे पर ऐसी बड़ी आपात स्थिति से निपटने की कोई ठोस योजना नजर नहीं आती।
इमरजेंसी एग्ज़िट और हेलिपैड की उठी मांग
डॉ. मेहता ने सुझाव दिया कि एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी एग्ज़िट पॉइंट्स अनिवार्य होने चाहिए, ताकि आपात हालात में ट्रैफिक को सुरक्षित रूप से वापस मोड़ा जा सके। इसके साथ ही उन्होंने एक्सप्रेसवे के आसपास हेलिपैड विकसित करने की भी जरूरत बताई, जिससे संकट के समय लोगों को तेजी से बाहर निकाला जा सके।
आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर देश के सबसे व्यस्त एक्सप्रेसवे में शामिल मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करती है। घंटों तक फंसे यात्रियों की परेशानी ने भविष्य में बेहतर योजना और ठोस व्यवस्थाओं की जरूरत को रेखांकित किया है।