मुंबई प्रदर्शन के वायरल वीडियो पर सियासत तेज, सुप्रिया सुले ने महिला से कथित अभद्रता की जांच और कार्रवाई की मांग की
NEET परीक्षा विवाद को लेकर मुंबई के दादर में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान एक महिला प्रदर्शनकारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में सादे कपड़ों में मौजूद एक व्यक्ति दिखाई दे रहा है, जिसके पुलिस अधिकारी होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, उसकी आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना पर एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वायरल वीडियो के बाद बढ़ा विवाद
दादर में आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान सामने आए वीडियो में एक महिला प्रदर्शनकारी को सादे कपड़ों में मौजूद व्यक्ति द्वारा पकड़ते हुए देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति पुलिस विभाग से जुड़ा है, लेकिन इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है और कई नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
सुप्रिया सुले ने क्या कहा?
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो साझा करते हुए कहा कि यदि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति पुलिस अधिकारी है, तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध करना नागरिकों का अधिकार है और प्रदर्शनकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के साथ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे विवाद
इससे पहले दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान एक पुलिसकर्मी का कथित धमकी भरा वीडियो भी चर्चा में आया था, जिसके बाद संबंधित मामले में कार्रवाई की गई थी। अब मुंबई के दादर से सामने आए वीडियो ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि, दोनों घटनाएं अलग-अलग हैं और उनकी जांच अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।
जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
दादर की घटना के बाद विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति पुलिस अधिकारी है या नहीं। मुंबई पुलिस की ओर से मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया या जांच के निष्कर्ष का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।