रामगढ़ में बंदरों का कहर: भाजपा नेता पर जानलेवा हमला, कान नोचा, दहशत में कस्बेवासी…
रामगढ़ कस्बे में बंदरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। लगातार हो रहे हमलों से लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं। बीते कुछ महीनों में बंदरों के हमलों में सौ से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं, जिससे कस्बे में दहशत का माहौल बना हुआ है।
गुरुवार शाम करीब चार बजे एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब भाजपा के एएसी मोर्चा के जिला महासचिव दिनेश चौहान पर बंदरों की टोली ने जानलेवा हमला कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनेश चौहान अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी अचानक बंदरों के झुंड ने उन पर हमला बोल दिया। उन्होंने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन एक आक्रामक बंदर ने उनके कान पर झपट्टा मारते हुए पूरा कान नोचकर अलग कर दिया।
घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल दिनेश चौहान को पहले रामगढ़ से अलवर रेफर किया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर उन्हें जयपुर रेफर कर दिया गया। जयपुर में उनके कान की सर्जरी की जाएगी।
कस्बे के प्रजापति मोहल्ले में इससे पहले भी बंदरों के हमलों में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। वहीं जोशी मोहल्ले में कांता देवी के मकान की छत पर बंदरों की टोली ने जमकर उत्पात मचाया और छत पर लगे एक पिलर को गिरा दिया। तेज धमाके की आवाज से पूरे मोहल्ले में हड़कंप मच गया, हालांकि गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
बंदरों के बढ़ते आतंक से परेशान कस्बेवासियों ने शुक्रवार सुबह 11 बजे एकजुट होकर रामगढ़ एसडीएम को ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द बंदरों से निजात दिलाने की मांग की। एसडीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी जगदीश खीचड़ से बातचीत की।
अधिशासी अधिकारी जगदीश खीचड़ ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए टेंडर जारी किया जा चुका है और शुक्रवार से ही पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
एसडीएम के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत होकर लौट गए। ज्ञापन सौंपने वालों में एक्स आर्मी जयराम मीणा, एडवोकेट अमित भारद्वाज, एडवोकेट लाखन दत्त शर्मा, एडवोकेट अमित कसौटिया, जवाहर तनेजा, गुल्लू सोनी, दीपक अग्रवाल, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह, लोकेश कुकरेजा सहित कई कस्बेवासी मौजूद रहे।