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गर्लफ्रेंड बनी कमजोरी! मैक्सिको का मोस्ट वांटेड ड्रग माफिया ‘एल मेंचो’ सेना के ऑपरेशन में ढेर


मैक्सिको के सबसे खतरनाक ड्रग माफियाओं में गिने जाने वाले कार्टेल सरगना एल मेंचो का अंत आखिरकार हो गया। वर्षों तक सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने वाला यह ड्रग लॉर्ड अपनी ही निजी जिंदगी की एक गलती के कारण सेना के निशाने पर आ गया। सैन्य खुफिया एजेंसियों ने उसकी गर्लफ्रेंड की लोकेशन ट्रैक कर ऑपरेशन चलाया और मुठभेड़ में उसे मार गिराया।


🟥 कौन था ‘एल मेंचो’?

59 वर्षीय नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वांटेस उर्फ एल मेंचो कुख्यात जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था। यह कार्टेल मैक्सिको के सबसे हिंसक और ताकतवर ड्रग नेटवर्क में गिना जाता है।

वह पश्चिमी मैक्सिको के शांत पहाड़ी गांव तापाल्पा में छिपा हुआ था और लंबे समय से सेना और अमेरिकी एजेंसियों की वांटेड सूची में शामिल था।

एल मेंचो को पकड़ना मैक्सिको की ड्रग वॉर में सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।


🟥 गर्लफ्रेंड की लोकेशन से मिला सुराग

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सेना को जानकारी मिली कि एल मेंचो की एक करीबी महिला साथी उससे मिलने तापाल्पा आने वाली है। सैन्य खुफिया एजेंसियों ने महिला की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।

महिला अपने भरोसेमंद सहयोगी के जरिए एक सुरक्षित घर तक पहुंची, जहां उसने ड्रग लॉर्ड से मुलाकात की। मुलाकात के बाद महिला वहां से चली गई, लेकिन सेना को अब उसकी सही लोकेशन का पक्का इनपुट मिल चुका था।

अंतरराष्ट्रीय अपराधियों के खिलाफ आधुनिक ऑपरेशन में डिजिटल ट्रैकिंग और सोशल नेटवर्क इंटेलिजेंस सबसे बड़ा हथियार बन चुके हैं।


🟥 जमीन और आसमान से घेराबंदी

मैक्सिको की नेशनल गार्ड स्पेशल इमीडिएट रिएक्शन फोर्स ने रविवार को संयुक्त ऑपरेशन शुरू किया। इलाके को गुप्त रूप से चारों तरफ से घेरा गया ताकि अचानक कार्रवाई की जा सके।

जब पुष्टि हो गई कि एल मेंचो उसी घर में मौजूद है, तो सेना ने छापा मार दिया।

ऑपरेशन की रणनीति बताती है कि यह महीनों की निगरानी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का परिणाम था।


🟥 भारी हथियारों से हुई भीषण मुठभेड़

रक्षा मंत्रालय के अनुसार मुठभेड़ बेहद हिंसक रही। एल मेंचो और उसके गार्ड्स के पास ऑटोमैटिक राइफलें और रॉकेट लॉन्चर जैसे भारी हथियार मिले।

उसके गिरोह का इतिहास भी बेहद खतरनाक रहा है—2015 में इसी नेटवर्क ने सैन्य हेलीकॉप्टर तक गिरा दिया था।

यह घटना दिखाती है कि मैक्सिको में ड्रग कार्टेल केवल अपराधी गिरोह नहीं बल्कि अर्धसैनिक ताकतों जैसी क्षमता रखते हैं।


🟥 जंगल में भागा, लेकिन बच नहीं सका

छापे के बाद एल मेंचो अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ जंगल क्षेत्र की ओर भाग गया और केबिनों के पास छिपने की कोशिश की। सेना ने इलाके को पूरी तरह सील कर तलाशी अभियान चलाया।

मुठभेड़ में एल मेंचो और उसके दो गार्ड घायल हो गए। उन्हें हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

सालों से गिरफ्तारी से बचता आ रहा ड्रग लॉर्ड आखिरकार एक सीमित ऑपरेशन में खत्म हो गया—जिसे सुरक्षा एजेंसियां बड़ी रणनीतिक जीत मान रही हैं।


🟥 ड्रग वॉर पर क्या पड़ेगा असर?

एल मेंचो की मौत को मैक्सिको की ड्रग वॉर में बड़ा मोड़ माना जा रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कार्टेल नेटवर्क अक्सर नए नेताओं के साथ फिर सक्रिय हो जाते हैं।

इस ऑपरेशन में अमेरिकी सैन्य कमांड के सहयोग की भी चर्चा है, जो अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ बढ़ते संयुक्त प्रयासों को दिखाता है।

नेतृत्व खत्म होने से कार्टेल कमजोर जरूर होता है, लेकिन सत्ता संघर्ष और हिंसा बढ़ने का खतरा भी रहता है।


🟥 बड़ी तस्वीर: अपराधी की सबसे बड़ी कमजोरी

एल मेंचो लंबे समय तक सुरक्षा घेरे, हथियारों और गुप्त ठिकानों के सहारे बचता रहा, लेकिन अंततः उसकी निजी मुलाकात ही उसकी लोकेशन उजागर करने का कारण बनी।

इतिहास गवाह है—कई बड़े अपराधी तकनीक से नहीं, बल्कि रिश्तों और भरोसे की गलतियों से पकड़े गए हैं।

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