शहादत बनाम शरारत: ‘120 बहादुर’ हुई फेल, ‘मस्ती 4’ के अश्लील चुटकुलों पर टूट पड़ा दर्शक—पहले दिन दोनों का बुरा हाल…
बॉक्स ऑफिस पर शुक्रवार का दिन दो बिल्कुल अलग दुनिया की कहानियों लेकर आया—एक तरफ देश के 120 वीर सैनिकों की बहादुरी पर आधारित फिल्म ‘120 बहादुर’, तो दूसरी तरफ डबल मीनिंग चुटकुलों और फुहड़ कॉमेडी से भरी ‘मस्ती 4’ लेकिन हैरानी इस बात की रही कि दर्शकों की पसंद ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सिनेमा हॉल में कंटेंट से ज्यादा मनोरंजन की पैकेजिंग बिकती है।
दोनों फिल्मों के पहले दिन के कलेक्शन बेहद निराशाजनक रहे। देशभर में मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन पर औसतन 10% सीटें भी नहीं भर सकीं। इसके बावजूद ‘मस्ती 4’ को ‘120 बहादुर’ के मुकाबले थोड़ी बढ़त मिलती दिखी। यानी सैनिकों की शहादत और भावनाओं को समर्पित फिल्म से ज्यादा भीड़ अश्लील डायलॉग्स और फुहड़ मज़ाक वाली फिल्म के शोज में पहुंची।
‘120 बहादुर’ की टीम को उम्मीद थी कि देशभक्ति और असली घटनाओं पर आधारित कहानी दर्शकों को थियेटर तक खींच ले आएगी, लेकिन फिल्म की मार्केटिंग और क्रिएटिव प्रेज़ेंटेशन कमजोर पड़ गई। नतीजा—खाली कुर्सियां और सूनी टिकट विंडो।
वहीं ‘मस्ती 4’ ने भले ही क्रिटिक्स से कड़े रिव्यू झेले हों, लेकिन इसका अपना मज़ाकिया टारगेट ऑडियंस पहले दिन ही थिएटर पहुंच गया। यह वही दर्शक वर्ग है जो बिना दिमाग के मनोरंजन को ही वीकेंड ट्रीट मानता है।
पहले दिन के आंकड़े साफ इशारा देते हैं कि कंटेंट और इमोशन हर बार दर्शकों पर असर नहीं छोड़ पाते। जहां देश अपने सैनिकों की कुर्बानियों पर गर्व करता है, वहीं मनोरंजन के मैदान में लोगों का झुकाव अक्सर हल्के-फुल्के मज़ाक की ओर नजर आता है।
आने वाले दिनों में ‘120 बहादुर’ मुंहजबानी प्रमोशन से वापसी कर पाती है या नहीं, यह देखना दिलचस्प रहेगा। लेकिन फिलहाल तो बॉक्स ऑफिस की जंग में अश्लील कॉमेडी ने देशभक्ति ड्रामा को मात दे दी है।