कुणाल कामरा के ‘सीता के पति’ बयान पर मन्नारा चोपड़ा बोलीं- धर्म नहीं, छात्रों के मुद्दों पर हो चर्चा
कॉमेडियन कुणाल कामरा के कथित विवादित बयान को लेकर चल रही बहस के बीच एक्ट्रेस मन्नारा चोपड़ा की प्रतिक्रिया सामने आई है। मन्नारा ने कहा कि सार्वजनिक मंचों का इस्तेमाल किसी धर्म या विचारधारा के प्रचार के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि मौजूदा मुद्दा छात्रों से जुड़ा है और चर्चा का केंद्र भी छात्रों की समस्याएं ही होनी चाहिए।
मन्नारा ने धर्म से ज्यादा छात्रों के मुद्दों पर दिया जोर
मन्नारा चोपड़ा ने कुणाल कामरा के ‘सीता के पति’ वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह खुद को एक सेक्युलर इंसान मानती हैं। उनके मुताबिक, किसी भी सार्वजनिक मंच पर ऐसी बातें नहीं होनी चाहिए जिनसे किसी धर्म या विचारधारा को बढ़ावा देने का संदेश जाए। उन्होंने कहा कि चर्चा का फोकस उन लोगों और मुद्दों पर होना चाहिए जो वास्तव में प्रभावित हैं।
‘मामला छात्रों का है, इसी पर हो बात’
एक्ट्रेस ने कहा कि मौजूदा विवाद में सबसे अहम मुद्दा छात्र हैं और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बहस को दूसरी चीजों की तरफ मोड़ने के बजाय छात्रों के संघर्ष, उनकी मांगों और उनसे जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। मन्नारा ने कहा कि किसी फिल्म, कलाकार या अन्य विषयों पर चर्चा करने से ज्यादा जरूरी छात्रों की आवाज उठाना है।
कुणाल कामरा के बयान पर सोशल मीडिया में बहस तेज
कुणाल कामरा के कथित बयान के बाद सोशल मीडिया पर लगातार बहस चल रही है। उनके बयान को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। जहां कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ रहे हैं, वहीं कई लोगों ने धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए आपत्ति जताई है।
मन्नारा चोपड़ा का फिल्मी सफर
मन्नारा चोपड़ा ने साल 2014 में तेलुगु फिल्म ‘प्रेमा गीमा जंथा नई’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने तेलुगु, तमिल, हिंदी और कन्नड़ फिल्मों में काम किया। हिंदी सिनेमा में उन्होंने अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘जिद’ से डेब्यू किया। इसके अलावा वह रियलिटी शो ‘बिग बॉस 17’ में भी नजर आईं, जहां उनकी लोकप्रियता काफी बढ़ी और वह शो की सेकंड रनर-अप रहीं।
बिग बॉस के बाद बढ़ी लोकप्रियता
‘बिग बॉस 17’ में हिस्सा लेने के बाद मन्नारा चोपड़ा को देशभर में पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ओटीटी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी काम जारी रखा। हालांकि, इस बार वह अपने किसी प्रोजेक्ट नहीं बल्कि सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे पर दिए गए बयान को लेकर चर्चा में हैं।