जंतर-मंतर पहुंचे मणिशंकर अय्यर, बोले- छात्रों से निडर होना सीखने आया हूं
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर अपनी पत्नी सुनीत अय्यर के साथ प्रदर्शन स्थल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने छात्रों के आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि वह उनसे सीखने आए हैं। अय्यर ने कहा कि छात्र निडर होकर अपनी बात रख रहे हैं और देश को भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
‘यह एक ऐतिहासिक पल है’
मणिशंकर अय्यर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा छात्र आंदोलन एक महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि वह इस आंदोलन का हिस्सा बनने और छात्रों से सीखने के उद्देश्य से यहां पहुंचे हैं। उनके अनुसार, छात्र अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठा रहे हैं और यह लोकतंत्र की ताकत को दर्शाता है।
‘छात्र हमें निडर होना सिखा रहे हैं’
अय्यर ने कहा कि छात्र जिस तरह बिना डर अपनी बात रख रहे हैं, वह प्रेरणादायक है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि पहले वह कुछ मुद्दों पर खुलकर बोलने में संकोच महसूस करते थे, लेकिन मौजूदा छात्र आंदोलन यह संदेश देता है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात निर्भीक होकर रखनी चाहिए।
बातचीत का स्वागत किया
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल और केंद्रीय मंत्रियों के बीच हुई बातचीत पर मणिशंकर अय्यर ने संतोष जताया। उन्होंने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद के माध्यम से ही निकल सकता है और बातचीत शुरू होना सकारात्मक संकेत है।
सुनीत अय्यर ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की वकालत की
मणिशंकर अय्यर की पत्नी सुनीत अय्यर ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में कहा कि किसी भी परिस्थिति में हिंसा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे छात्र हों, किसान हों या मजदूर, सभी को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि वे प्रदर्शनकारियों की बात सुनने और उनके साथ एकजुटता जताने के लिए जंतर-मंतर पहुंची हैं।
पेपर लीक पर सरकार ला सकती है नया कानून
इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि संसद के मानसून सत्र के दूसरे सप्ताह में प्रश्नपत्र लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान करने वाला विधेयक पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस कानून को जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।