क्रिकेट विवाद में बैट से हमला, 10 साल बाद सजा
Alwar में क्रिकेट खेलने के दौरान हुए विवाद में युवक पर बैट से जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत ने 10 साल बाद फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 3 साल की सजा दी है।
क्रिकेट विवाद बना जानलेवा हमला
यह मामला 27 मार्च 2016 का है, जब क्रिकेट खेलते समय मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। रिपोर्ट के अनुसार, ललित मीणा अपने दोस्त के साथ खेल रहा था, तभी गेंद को लेकर विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते झगड़ा बढ़ गया और आरोपी किशन कुमार व उसके साथियों ने ललित पर हमला कर दिया। आरोप है कि किशन कुमार ने बैट से सिर पर जोरदार वार किया, जिससे युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
गंभीर हालत में जयपुर किया गया रेफर
हमले के बाद घायल युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए Jaipur रेफर किया गया। सिर पर गहरी चोट लगने के कारण स्थिति नाजुक बनी रही। इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी थी और पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
कोर्ट में 11 गवाहों के बयान दर्ज
मामले की सुनवाई के दौरान एससी-एसटी कोर्ट में कुल 11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सरकारी पक्ष की ओर से पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने यह फैसला सुनाया, जिससे करीब एक दशक बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिला।
पीड़ित मुकरा, कोर्ट ने किया पक्षद्रोही घोषित
सुनवाई के दौरान पीड़ित ललित कुमार अपने पहले दिए गए बयान से मुकर गया, जिसके चलते अदालत ने उसे पक्षद्रोही (Hostile) घोषित कर दिया। कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए सीआरपीसी की धारा 344 के तहत उसे नोटिस जारी किया है। झूठा बयान देने के मामले में उसके खिलाफ अलग से कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी को 3 साल की सजा
अदालत ने सभी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी किशन कुमार को दोषी ठहराते हुए 3 साल की सजा सुनाई है। यह फैसला यह संदेश देता है कि छोटे विवाद भी गंभीर अपराध में बदल सकते हैं और कानून के तहत ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाती है।