ममता बनर्जी बोलीं- ‘हम इंसानियत के नाते न्याय मांग रहे हैं’, SIR के खिलाफ INDIA ब्लॉक का मार्च
INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च के बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने न्याय की मांग उठाई। दिल्ली में उन्होंने कहा कि विपक्ष इंसानियत के नाते न्याय मांग रहा है। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता ‘लोकतंत्र के लिए मार्च’ में शामिल हुए। विपक्ष मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी ने SIR से जुड़े मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है।
ममता बनर्जी ने न्याय की मांग उठाई
दिल्ली में विरोध मार्च के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्ष इंसानियत के नाते न्याय मांग रहा है। उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि उन्हें न्याय चाहिए। INDIA ब्लॉक के नेता मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध जता रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने किया मार्च का नेतृत्व
विपक्ष के ‘लोकतंत्र के लिए मार्च’ में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव शामिल हुए। मार्च में अन्य विपक्षी नेता और समर्थक भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारी सुप्रीम कोर्ट की ओर पैदल बढ़े। विपक्ष इस विरोध के जरिए SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहा है। प्रदर्शन के दौरान मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जोर दिया गया।
SIR को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और पारदर्शिता की कमी जैसे सवाल सामने आए हैं। विपक्षी दल इन आरोपों की जांच और प्रक्रिया में सुधार की मांग कर रहे हैं। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ियों और ‘वोट चोरी’ से जुड़े आरोप विपक्ष के दावे हैं। इनकी पुष्टि संबंधित तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही हो सकेगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की भी मांग
INDIA ब्लॉक ने SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव के दौरान पर्याप्त पारदर्शिता जरूरी है। उसके अनुसार, किसी वैध मतदाता का नाम हटाने से पहले उचित सूचना और कारण स्पष्ट किए जाने चाहिए। विपक्ष सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने की मांग भी कर रहा है। चुनावी प्रक्रिया को लेकर यह राजनीतिक विवाद अब न्यायिक और राजनीतिक मंचों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
CJI से मुलाकात के लिए भी मांगा गया था समय
रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को पत्र लिखकर 12 अक्टूबर 2026 को शाम 4 से 5 बजे के बीच मुलाकात का समय मांगा था। बताया गया कि उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई। यह घटनाक्रम SIR को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच सामने आया। विपक्ष इस मुद्दे पर न्यायिक हस्तक्षेप और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहा है।
चुनावी पारदर्शिता को लेकर बढ़ी राजनीतिक बहस
SIR और मतदाता सूची में कथित बदलावों को लेकर INDIA ब्लॉक लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष इसे मतदाताओं के अधिकारों और चुनाव की निष्पक्षता से जोड़कर देख रहा है। वहीं, इन आरोपों और मांगों पर आगे की स्थिति संबंधित संस्थाओं की कार्रवाई तथा न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी। फिलहाल ममता बनर्जी के बयान और विपक्षी मार्च के बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा के केंद्र में है।